बंगाल में ‘भगवा’ सूर्योदय: भाजपा सरकार के गठन की तैयारियां तेज,शनिवार को होगा शपथ ग्रहण,पीएम मोदी समेत कई दिग्गज नेता रहेंगे मौजूद
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए युग का सूत्रपात होने जा रहा है। शनिवार को कोलकाता का ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड उस पल का गवाह बनेगा, जब भाजपा के फायरब्रांड नेता शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मौजूद रहेंगे, जो इस जीत को भाजपा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कितनी महत्वपूर्ण मानते हैं, इसका स्पष्ट संकेत है।
शनिवार सुबह 10 बजे होने वाले इस शपथ ग्रहण समारोह को एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के अलावा एनडीए शासित सभी 20 राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी के साथ करीब 30 मंत्री भी पद और गोपनीयता की शपथ ले सकते हैं। मंत्रिमंडल के गठन में भाजपा 'सोशल इंजीनियरिंग' का खास ख्याल रख रही है। जानकारी के मुताबिक, मंत्रिमंडल में आदिवासी और दलित समाज को व्यापक प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। साथ ही, महिला सशक्तिकरण का संदेश देने के लिए एक तिहाई मंत्रियों के पद महिलाओं के लिए सुरक्षित रखे जा सकते हैं। लगातार दो चुनावों में ममता बनर्जी को सीधी चुनौती देने और खुद को राज्य के सबसे बड़े जननेता के रूप में स्थापित करने का इनाम शुभेंदु अधिकारी को मिलने जा रहा है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने उनकी सांगठनिक क्षमता और आक्रामक तेवरों पर भरोसा जताया है। आज शाम चार बजे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें उनके नाम पर औपचारिक मुहर लगा दी जाएगी। नई सरकार बनते ही बंगाल का प्रशासनिक ढांचा भी बदलने वाला है। राज्य का सचिवालय अब हावड़ा स्थित 'नबान्न' से हटकर वापस कोलकाता की ऐतिहासिक 'राइटर्स बिल्डिंग' में स्थानांतरित किया जाएगा। वर्ष 2013 में तत्कालीन सरकार ने इसे नबान्न शिफ्ट किया था, लेकिन भाजपा इसे बंगाल की विरासत से जोड़ने के लिए वापस राइटर्स बिल्डिंग ले जा रही है। शुरुआती दौर में 8 से 10 प्रमुख विभागों को वहां स्थानांतरित करने की योजना है। बंगाल के साथ-साथ पड़ोसी राज्य असम में भी नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने अपने मंत्रिमंडल के साथ राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य को इस्तीफा सौंप दिया है। संभावना है कि 12 मई को पीएम मोदी की मौजूदगी में असम की नई सरकार शपथ लेगी। वहीं, केरलम में मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर कांग्रेस खेमे में मंथन जारी है। केसी वेणुगोपाल, रमेश चेन्नीथला और वीडी सतीशन रेस में सबसे आगे हैं। वेणुगोपाल और चेन्नीथला ने बुधवार को सोनिया गांधी से मुलाकात कर अपनी दावेदारी और राज्य की स्थिति पर चर्चा की है। इसी बीच, एक अन्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के सख्त रुख को दोहराया। 'ऑपरेशन सिंदूर' की वर्षगांठ पर बोलते हुए पीएम ने कहा, "हम आतंकवाद के पूरे तंत्र को खत्म करने के इरादे पर मजबूती से कायम हैं।" उन्होंने सेना के साहस को सलाम करते हुए कहा कि भारत अब अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा।