जेवर एयरपोर्ट से पहली उड़ान: जिन किसानों ने दी थी जमीन, वही बने पहली उड़ान के यात्री! सपनों ने छुआ आसमान, मुख्यमंत्री योगी से मुलाकात का मिला अवसर

First flight from Jewar Airport: The very farmers who gave up their land became the passengers on the inaugural flight! Dreams soared high, and they got the opportunity to meet Chief Minister Yogi.

नोएडा। उत्तर प्रदेश के इतिहास में सोमवार का दिन एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण के लिए अपनी जमीन देने वाले किसान और ग्रामीण उस भावुक क्षण के साक्षी बने, जब उन्होंने उसी एयरपोर्ट से पहली पैसेंजर फ्लाइट में सवार होकर आसमान की उड़ान भरी। वर्षों पहले जिन खेतों की मिट्टी पर उनकी फसलें लहलहाती थीं, आज उसी जमीन पर बने आधुनिक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से उड़ान भरते हुए ग्रामीणों के चेहरे गर्व और खुशी से चमक उठे। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली यात्री उड़ान सोमवार सुबह 8:30 बजे लखनऊ के लिए रवाना हुई। इस ऐतिहासिक उड़ान में एयरपोर्ट परियोजना के लिए जमीन देने वाले करीब 170 किसान, कामगार और ग्रामीण शामिल रहे, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद थीं। यह केवल एक विमान यात्रा नहीं थी, बल्कि विकास और बदलाव की उस कहानी का प्रतीक थी, जिसमें ग्रामीणों के त्याग और योगदान को सम्मान दिया गया।

पहली उड़ान में शामिल यात्री अबरार खान ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि जिस परियोजना के लिए उन्होंने अपनी जमीन दी, उसी एयरपोर्ट से पहली उड़ान भरने का अवसर भी मिलेगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से उन्हें इस ऐतिहासिक यात्रा का निमंत्रण मिला था। उनके अनुसार यह उनके परिवार और पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण है। वहीं, जेवर क्षेत्र की रहने वाली हेरा रशीद ने इसे जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि पहली उड़ान का हिस्सा बनना किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने बताया कि यह यात्रा पूरी तरह निःशुल्क थी और लखनऊ पहुंचकर उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने का अवसर भी मिलेगा। करीब 65 वर्षीय एक किसान, जिन्होंने एयरपोर्ट परियोजना के लिए अपनी लगभग 30 बीघा जमीन दी थी, ने कहा कि शुरुआत में जमीन देने का निर्णय आसान नहीं था, लेकिन आज एयरपोर्ट को वास्तविकता के रूप में देखकर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह विकास आने वाली पीढ़ियों के लिए नए अवसरों का द्वार खोलेगा।

इस अवसर पर जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने कहा कि यह केवल एक हवाई सेवा की शुरुआत नहीं है, बल्कि उन किसानों के योगदान को सम्मान देने का दिन है जिन्होंने प्रदेश और देश के भविष्य के लिए अपनी पुश्तैनी जमीन समर्पित की। उन्होंने कहा कि जिन हाथों ने वर्षों तक खेतों में मेहनत की, आज उन्हीं हाथों में बोर्डिंग पास है और वे आसमान की ऊंचाइयों को छू रहे हैं। यह दृश्य विकास और जनभागीदारी का अद्भुत उदाहरण है। इससे पहले लखनऊ से उड़ान भरकर आई पहली फ्लाइट सुबह 8:05 बजे जेवर एयरपोर्ट के रनवे पर उतरी। इस विमान में जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग जगत से जुड़े कई प्रमुख लोग मौजूद थे। लखनऊ से आने के बाद यही विमान यात्रियों को लेकर बेंगलुरु के लिए रवाना हुआ, जिससे एयरपोर्ट की नियमित यात्री सेवाओं का औपचारिक शुभारंभ हो गया। इस मौके पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि यह केवल एक एयरपोर्ट का उद्घाटन नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के सपनों का साकार होना है। उन्होंने विशेष रूप से उन किसानों का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग और त्याग के बिना यह परियोजना संभव नहीं हो सकती थी। उन्होंने कहा कि एक दशक पहले जेवर में इतने विशाल और आधुनिक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की कल्पना करना भी मुश्किल था, लेकिन आज यह सपना हकीकत बन चुका है।

11,200 करोड़ रुपये की लागत से बना आधुनिक एयरपोर्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजनाओं में से एक है। इसे सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत लगभग 11,200 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित किया गया है। एयरपोर्ट के पहले चरण का निर्माण 1334 हेक्टेयर क्षेत्र में पूरा किया गया है। परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 नवंबर 2021 को किया था। स्विट्जरलैंड की प्रतिष्ठित कंपनी ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट एजी को इसके निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। परियोजना के सभी चार चरण पूरे होने के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट एशिया के सबसे बड़े और दुनिया के छठे सबसे बड़े एयरपोर्ट के रूप में स्थापित होगा। शुरुआती चरण में यहां से देश के 45 शहरों के लिए करीब 65 वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एयरपोर्ट न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत की आर्थिक, औद्योगिक और पर्यटन गतिविधियों को नई गति देगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की पहली उड़ान ने यह साबित कर दिया कि विकास तभी सार्थक होता है, जब उसमें आम लोगों की भागीदारी और सम्मान दोनों शामिल हों। जिन किसानों ने अपनी जमीन देकर इस परियोजना को संभव बनाया, वही आज इसकी पहली सफलता के सहभागी बने। यह दृश्य आने वाले वर्षों तक विकास और जनसहयोग की मिसाल के रूप में याद किया जाएगा।