उत्तराखण्डः देहरादून में रह रहे पाकिस्तानी सिख परिवार की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई! सुरक्षा चिंताओं के बीच सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश

 Uttarakhand: High Court hears petition from a Pakistani Sikh family residing in Dehradun; government directed to file a response amidst security concerns.

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने देहरादून के बंसत बिहार में वर्ष 2019 से लांग टाईम बीजा पर रह रहे एक पाकिस्तानी सिख परिवार को सरकार द्वारा 24 घण्टे के भीतर देश छोड़ने के आदेश को चुनौती देती याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद वरिष्ठ न्यायमूर्ती मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ में आज राज्य सरकार की तरफ से जांच करने के लिए समय की मांग की गई। जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार को समय देते हुए चार सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है। मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 11 अगस्त की तिथि नियत की है। कोर्ट ने देश को खतरा न होने की स्थिति में लगी रोक को अगली तिथि तक जारी रखा है।  बता दें कि पाकिस्तान के खैबर पख्तून के रहने वाला सिख परिवार वर्ष 2019 में लांग टाईम वीजा पर मनजीत अपने परिवार के साथ भारत आया था। उसने वर्ष 2024 और दिसम्बर 2026 को अपने लांग टाईम वीजा की अवधि बढ़ा ली। बीते 31 मई को राज्य सरकार ने उसे 24 घण्टे का नोटिस देकर देश छोड़ने को कहा। यह नोटिस उसे 2 जून को प्राप्त हुआ। जिसे उसके द्वारा उच्च न्यायालय में चुनौती दी गयी। याचिका में कहा गया कि अभी उसके वीजा की अवधि समाप्त नही हुई है। उसके तीन बच्चे हैं। बडी लडक़ी बीटेक और दूसरी लड़की बीडीएस और लड़का छोटा है। इसलिए उसे वीजा की अवधि तक भारत में रहने दिया जाय। वहीं सुनवाई पर राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि जहां पर मनजीत का परिवार रहता है वहां पर आईटीबीपी का मुख्यालय भी है। जिससे देश की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इसलिए उसे पाकिस्तान वापस भेजा जाए।