नैनीताल की 8 वर्षीय नंदा देवी ने रुद्रगैरा पर्वतारोहण अभियान में 17 हजार फीट से अधिक ऊंचाई तक पहुंचकर रचा इतिहास
नैनीताल। नैनीताल की 8 वर्षीय बाल पर्वतारोही नंदा देवी ने रुद्रगैरा पर्वतारोहण अभियान के दौरान 17 हजार फीट से अधिक की ऊंचाई तक पहुंचकर एक और उल्लेखनीय उपलब्धि अपने नाम कर ली है। विषम मौसम और लगातार बर्फबारी के बावजूद नंदा ने साहस, धैर्य और अद्भुत पर्वतारोहण कौशल का परिचय दिया। हालांकि ऊंचाई वाले क्षेत्र में हिमस्खलन (एवलॉन्च) का खतरा बढ़ने तथा मौसम के अत्यधिक खराब होने के कारण अभियान दल ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वापस लौटने का निर्णय लिया।

इस अभियान में नंदा देवी अपने पिता एवं वरिष्ठ पर्वतारोही अनित साह के साथ शामिल थीं। कम उम्र में ही नंदा ने जिस आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया है, उसने पर्वतारोहण जगत का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।
नंदा देवी एक प्रतिष्ठित पर्वतारोही परिवार से संबंध रखती हैं। उनकी माता प्रसिद्ध पर्वतारोही टूसी (तुसी) और पिता अनित साह विश्व की सर्वोच्च चोटियों में शामिल माउंट एवरेस्ट तथा कंचनजंघा को सफलतापूर्वक फतह कर चुके हैं। माता-पिता के अनुभव और मार्गदर्शन ने नंदा के भीतर भी पर्वतारोहण के प्रति गहरी रुचि और जुनून विकसित किया है।

कम उम्र में ही नंदा कई पर्वतारोहण अभियानों में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं।

महज पांच वर्ष की आयु में उन्होंने पांच पर्वतारोहण अभियान पूरे कर एक विशेष उपलब्धि हासिल की थी। वहीं अप्रैल 2023 में उन्होंने लगभग 13 हजार फीट ऊंची चंद्रशिला चोटी पर सफलतापूर्वक पहुंचकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया था।
रुद्रगैरा अभियान में 17 हजार फीट से अधिक की ऊंचाई तक पहुंचने के बाद नंदा देवी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मजबूत इरादों, कठिन प्रशिक्षण और आत्मविश्वास के सामने उम्र कोई मायने नहीं रखती। उनकी इस उपलब्धि पर नैनीताल सहित पूरे उत्तराखंड में खुशी की लहर है।