रुद्रपुर में वायरल ऑडियो प्रकरणः 9 नोटिस के बाद कोतवाली पहुंचे विकास सागर! पुलिस के सामने दर्ज कराए बयान, जांच तेज

Rudrapur viral audio incident: Vikas Sagar arrives at the police station after receiving nine notices! He records his statement before the police, intensifying the investigation.

रुद्रपुर। पूर्व पालिकाध्यक्ष मीना शर्मा के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी वाले वायरल ऑडियो प्रकरण में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। इसी क्रम में वायरल ऑडियो प्रकरण से जुड़े विकास सागर आखिरकार पुलिस के समक्ष पेश हुए और कोतवाली पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराए। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने विकास सागर को इस मामले में 9 नोटिस भेजे थे। बता दें कि इस वायरल ऑडियो के सामने आने के बाद पूर्व पालिकाध्यक्ष मीना शर्मा ने इसे अपनी छवि धूमिल करने की साजिश बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने इस मामले में दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की थी। कार्रवाई में देरी को लेकर उन्होंने कोतवाली परिसर में धरना देकर अपना विरोध भी दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली थी कि वायरल ऑडियो की रिकॉर्डिंग में विकास सागर की भूमिका है। इसके बाद पुलिस ने लगातार उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजे। लगातार आ रहे नोटिस के बाद आज विकास सागर कोतवाली पहुंचे, जहां पुलिस अधिकारियों ने उनसे विस्तृत पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए।

सूत्रों की मानें तो पूछताछ के दौरान पुलिस ने उस डिवाइस को उपलब्ध कराने को कहा है, जिससे कथित ऑडियो रिकॉर्ड किया गया था। इस पर विकास सागर ने पुलिस से कुछ समय मांगा है। पुलिस अब डिवाइस की जांच के जरिए ऑडियो की सत्यता और उसके स्रोत तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है। गौरतलब है कि इस कथित वायरल ऑडियो को लेकर राजनीतिक गलियारों में उस समय हलचल और तेज हो गई थी, जब इसे पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल से जोड़कर देखा जाने लगा। ऑडियो के सार्वजनिक होने के बाद मीना शर्मा ने खुलकर मोर्चा संभालते हुए पूर्व विधायक के खिलाफ तीखे तेवर अपनाए थे। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की थी। फिलहाल पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और बयानों के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विकास सागर कब रिकॉर्डिंग डिवाइस पुलिस को सौंपते हैं और उसकी जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।