Sep 09, 2026 Login

जाम से मिलेगी राहत: काठगोदाम-नैनीताल रोपवे की कवायद तेज! टीम ने काठगोदाम से हनुमानगढ़ी तक किया स्थलीय निरीक्षण, भूमि रिपोर्ट के बाद बनेगी डीपीआर

Relief from traffic jams: Efforts for the Kathgodam-Nainital ropeway gain momentum! A team conducted a site inspection from Kathgodam to Hanumangarhi; the Detailed Project Report (DPR) will be prepar

नैनीताल। काठगोदाम से नैनीताल तक प्रस्तावित रोपवे निर्माण की कवायद अब तेज हो गई है। रोपवे निर्माण एजेंसी नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने प्रस्तावित रोपवे मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। टीम ने काठगोदाम, ज्योलीकोट और हनुमानगढ़ी समेत विभिन्न स्थानों का निरीक्षण कर प्रस्तावित स्टेशन स्थलों, रोपवे लाइन के संभावित मार्ग और निर्माण के लिए आवश्यक भूमि का जायजा लिया। परियोजना के तहत काठगोदाम से नैनीताल के बीच कुल तीन मुख्य स्टेशन बनाए जाने प्रस्तावित हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने यह भी देखा कि परियोजना के लिए कितनी सरकारी, वन और निजी भूमि की आवश्यकता होगी। जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति आर्य ने बताया कि रोपवे निर्माण के लिए आवश्यक भूमि की स्थिति स्पष्ट करने को लेकर यह संयुक्त निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के बाद संबंधित पटवारी भूमि से जुड़ी रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिसके आधार पर यह तय होगा कि कितनी सरकारी और वन भूमि उपलब्ध है और कितनी निजी भूमि की आवश्यकता होगी।

भूमि संबंधी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजे जाने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और इसके आधार पर रोपवे की डीपीआर तैयार होगी। अधिकारियों के मुताबिक, अभी परियोजना की लागत तय नहीं हुई है और डीपीआर तैयार होने के बाद ही इसकी अनुमानित लागत स्पष्ट हो सकेगी। रोपवे परियोजना के पूरा होने के बाद काठगोदाम से नैनीताल तक का सफर खास समय की बचत होने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ नैनीताल शहर में वाहनों का दबाव और पर्यटन सीजन में काठगोदाम-नैनीताल मार्ग पर लगने वाला जाम कम करने में मदद मिलेगी। वहीं, काठगोदाम क्षेत्र में करीब 500 से 1000 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग विकसित किए जाने की भी योजना है।