Sep 09, 2026 Login

नैनीतालः दूषित पेयजल से फैली जलजनित बीमारियों के मामले में हाईकोर्ट सख्त! कोर्ट में पेश हुए अधिकारी, एक सप्ताह में मांगी पानी की जांच रिपोर्ट

Nainital: High Court takes a tough stance on waterborne diseases caused by contaminated drinking water; officials appeared in court, and a water test report was sought within a week.

नैनीताल। नैनीताल जिले के ज्योलीकोट और आसपास के गांजा, वीरभट्टी, छीणा, बेलुवाखान और सरियाताल गांवों में दूषित पेयजल से फैली जलजनित बीमारियों के मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के दौरान नैनीताल जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उत्तराखंड जल संस्थान के महाप्रबंधक और उत्तराखंड पेयजल निगम के कुमाऊं मंडल के मुख्य अभियंता व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश हुए। वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने उत्तराखंड जल संस्थान और पेयजल निगम को पेयजल आपूर्ति करने वाली पाइपलाइनों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि पाइपलाइनों की जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि पानी में किसी भी तरह की गंदगी या प्रदूषण न हो। वहीं, हाईकोर्ट ने नैनीताल जिलाधिकारी को राहत कार्यों की निगरानी करने और सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा कोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को प्रभावित गांवों के साथ-साथ नैनीताल शहर से भी पेयजल के नमूने लेने और एक सप्ताह के भीतर इसकी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि बल्दियाखान निवासी रविंद्र बिष्ट द्वारा याचिका दायर कर कहा गया है कि पिछले तीन माह से नैनीताल जिले के ज्योलीकोट समेत आसपास की 5 ग्राम सभाओं में पिछले करीब तीन महीने से दूषित पेयजल का मामला सामने आ रहा है। पानी के दूषित होने से दर्जनों ग्रामीण पीलिया की चपेट में आ चुके हैं। वहीं, बीते दिन तीन लोगों की मौत हो चुकी है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद कोई उचित कार्यवाही नहीं हुई है।