रेलवे भूमि अतिक्रमण मामलाः सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले हाई अलर्ट पर हल्द्वानी! बनभूलपुरा में भारी फोर्स तैनात, ड्रोन से निगरानी और सोशल मीडिया पर भी नजर
हल्द्वानी। रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट के अहम फैसले से पहले नैनीताल पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने बनभूलपुरा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मंगलवार को एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी के नेतृत्व में सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की गई, वहीं बनभूलपुरा में ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को ब्रीफ कर उन्हें किसी भी परिस्थिति में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के निर्णय के बाद शांति और सौहार्द बनाए रखना प्राथमिकता होगी। इसके लिए संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और धरातलीय निगरानी के साथ ड्रोन के माध्यम से भी क्षेत्र पर नजर रखी जाएगी। कोतवाली हल्द्वानी के मीटिंग हॉल में बनभूलपुरा क्षेत्र में तैनात पुलिस बल की ब्रीफिंग एसपी क्राइम/ट्रैफिक डॉ. जगदीश चंद्र की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को उनकी जिम्मेदारियों और ड्यूटी प्वाइंट के संबंध में जानकारी दी। ब्रीफिंग में एसपी सिटी मनोज कत्याल, एसपी संचार/ऑफिस रेवाधर मठपाल, सीओ हल्द्वानी अमित कुमार सैनी, क्षेत्राधिकारी भवाली रविकांत सेमवाल, पुलिस उपाधीक्षक बलजीत सिंह भाकुनी, सीएफओ गौरव किरार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
दो सुपर जोन, चार जोन और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात
पुलिस के अनुसार निर्णय के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक स्तर पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था में 2 सुपर जोन, 4 जोन, 2 एसपी, 5 सीओ, 15 इंस्पेक्टर/एसओ, 10 आईसी/ओपी और 45 एसआई/एएसआई तैनात रहेंगे। इसके अलावा 10 एलएसआई/एएसआई, 182 हेड कांस्टेबल/कांस्टेबल और 47 महिला हेड कांस्टेबल/कांस्टेबल की तैनाती की गई है। पीएसी की दो कंपनियां भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाई गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था में दो विशेष ड्रोन टीमों को भी शामिल किया गया है। पुलिस ड्रोन के माध्यम से छतों, गलियों और संवेदनशील स्थानों की निगरानी करेगी। इसके साथ ही क्षेत्र में धरातलीय निगरानी भी जारी रहेगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त पुलिस बल और अन्य संसाधनों की भी तैनाती की जाएगी। पुलिस की ओर से जारी सुरक्षा प्लान में विभिन्न विशेष टीमों को भी तैनात किया गया है। इसमें अग्निशमन विभाग की चार यूनिट, यातायात पुलिस की चार टीमें, एक बम निरोधक दस्ता, हॉक पुलिस की दो यूनिट, टियर गैस की दो टीमें और एंटी रायट की दो टीमें शामिल हैं। इसके अलावा फायरिंग स्क्वाड की दो टीमें और पुलिस लाइन से अतिरिक्त विशेष दस्ते भी तैयार रखे गए हैं। पुलिस का कहना है कि परिस्थितियों के अनुसार अन्य विशेष वाहन और संसाधन भी मौके पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
सोशल मीडिया पर भी पुलिस की पैनी नजर
संवेदनशील स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस के अनुसार अफवाह, भ्रामक सूचना या आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने तथा लोगों को गुमराह करने या माहौल खराब करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर किसी भी अपुष्ट सूचना को साझा नहीं करने और अफवाहों पर भरोसा नहीं करने की अपील की है। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में छतों की भी निगरानी करने की बात कही है। पुलिस के अनुसार यदि कोई व्यक्ति उपद्रव की नीयत से छतों पर पत्थर, रोड़ी, ईंट, मलबा या हथियार अथवा हथियारनुमा वस्तुएं जमा करता पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने कहा कि किसी भी व्यक्ति या समूह द्वारा कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की तैयारी किए जाने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का सम्मान करें और किसी भी स्थिति में कानून अपने हाथ में न लें। पुलिस ने नागरिकों से शांति और सौहार्द बनाए रखने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस-प्रशासन का सहयोग करने को कहा है।