उत्तराखंड में बारिश का हाहाकारः उफान पर नदी-नाले! भूस्खलन से कई जगहों पर मार्ग बंद, चोटियों पर बर्फबारी! बढ़ी दुश्वारियां
देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर पहाड़ से मैदान तक मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश के चलते नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जबकि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मलबा आने की घटनाओं ने यात्रा मार्गों पर संकट बढ़ा दिया है। दूसरी ओर, ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी का दौर शुरू होने से तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंच गया है। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल पुलिस घाटों पर लगातार अनाउंसमेंट कर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को सतर्क कर रही है। लोगों से नदी के आसपास नहीं जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की जा रही है। रुद्रप्रयाग जिले में लगातार बारिश के बीच अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर भी निर्धारित वार्निंग लेवल से ऊपर पहुंच गया है। सुबह 10 बजे प्राप्त जानकारी के अनुसार अलकनंदा नदी का जलस्तर 626.100 मीटर और मंदाकिनी नदी का जलस्तर 625.100 मीटर दर्ज किया गया। दोनों नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे बसे क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों में खतरा बढ़ गया है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (डीईओसी) रुद्रप्रयाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि दोनों नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। नदी किनारे और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने तथा अनावश्यक रूप से नदी के आसपास नहीं जाने की अपील की गई है। प्रशासन की ओर से लाउडस्पीकर समेत अन्य माध्यमों से लोगों को लगातार चेतावनी दी जा रही है। संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को भी सतर्क रखा गया है।
सिरोबगड़ में फिर आफत, बदरीनाथ हाईवे पर मलबा
उधर, लगातार बारिश ने बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिरोबगड़ में एक बार फिर बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। धारी देवी मंदिर के समीप पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा और पत्थर हाईवे पर आ गिरा। देखते ही देखते सड़क का बड़ा हिस्सा मलबे से पट गया और वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई। हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बड़ी संख्या में यात्री और वाहन मार्ग पर फंस गए। बारिश के बीच पहाड़ी से लगातार मलबा और बोल्डर गिरने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में हाईवे को खोलने में जुटी मशीनों और कर्मचारियों के सामने भी चुनौती बनी हुई है। एनएच विभाग की मशीनें लगातार मलबा हटाने में जुटी हैं, लेकिन पहाड़ी से रुक-रुककर गिर रहा मलबा काम की रफ्तार को प्रभावित कर रहा है।
गंगोत्री धाम की चोटियों पर बर्फबारी
उत्तरकाशी जिले में भी मौसम ने करवट बदली है। गंगोत्री धाम की ऊंची चोटियों और गोमुख क्षेत्र में लगातार बर्फबारी हो रही है। भारत-चीन सीमा से लगे नेलांग, जादूंग, नीलापानी समेत अग्रिम चौकियों में भी भारी बर्फबारी के कारण चारों ओर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। इन इलाकों में करीब चार से पांच फीट तक बर्फ जमा होने की सूचना है। लगातार बर्फबारी के कारण सीमा क्षेत्र में तैनात जवानों और कर्मचारियों को भी मौसम की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। यमुनोत्री धाम समेत पूरी यमुना घाटी में पिछले 24 घंटे से बारिश का दौर जारी है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी होने से तापमान में काफी गिरावट आई है। सप्त ऋषि कुंड, बंदरपूंछ और गरुड़ गंगा की चोटियां बर्फ से ढक गई हैं। लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण यमुनोत्री धाम में ठंड बढ़ गई है। यमुनोत्री धाम के पुरोहित गिरीश उनियाल और सुरेश नौटियाल के मुताबिक, खराब मौसम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार हो रही बर्फबारी के कारण धाम में ठंड काफी बढ़ गई है। चारधाम यात्रा स्थगित होने के कारण श्रद्धालुओं की आवाजाही पूरी तरह थमी हुई है और धाम में सन्नाटा पसरा है। धाम में मौजूद पुरोहित और अन्य लोग मौसम खुलने का इंतजार कर रहे हैं।