उत्तराखण्ड ब्रेकिंगः भूमि नाप के नाम पर 30 हजार की रिश्वत मांग रहा था पटवारी! विजिलेंस टीम ने रंगे हाथ किया गिरफ्तार, नैनीताल जिले का है मामला
नैनीताल। नैनीताल जिले की धारी तहसील में भूमि नापने के एवज में रिश्वत मांगने के आरोप में विजिलेंस की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने पटवारी निर्मल बोरा को शिकायतकर्ता से 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। शिकायत के आधार पर हुई जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद गठित ट्रैप टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार, तहसील धारी के गांव मौड़ा निवासी शिकायतकर्ता अपनी भूमि की नाप कराने के लिए पटवारी निर्मल बोरा के संपर्क में आया था। आरोप है कि भूमि की नाप करने के एवज में पटवारी द्वारा शिकायतकर्ता से पैसों की मांग की जा रही थी। शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था। इसके बाद उसने मामले की शिकायत सतर्कता अधिष्ठान की टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 पर दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद सतर्कता अधिष्ठान ने मामले की जांच की। जांच में रिश्वत मांगने संबंधी आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद थाना सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर नैनीताल-हल्द्वानी में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सतर्कता अधिष्ठान के निर्देश पर एक ट्रैप टीम गठित की गई। टीम ने शिकायतकर्ता से मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई की योजना तैयार की। 26 सितंबर 2026 को सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी की ट्रैप टीम तहसील धारी पहुंची और निर्धारित कार्रवाई को अंजाम दिया। बताया गया कि जैसे ही पटवारी निर्मल बोरा ने शिकायतकर्ता से 30 हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे मौके पर पकड़ लिया। निदेशक सतर्कता डॉ. वी. मुरूगेशन ने कार्रवाई करने वाली ट्रैप टीम को नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है। उन्होंने लोगों से भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वत की मांग किए जाने पर इसकी शिकायत सतर्कता अधिष्ठान को दी जा सकती है।