Sep 27, 2026 Login

उत्तराखंड में बारिश का रेड अलर्टः पहाड़ से मैदान तक आफत! 57 सड़कें बंद, चारधाम यात्रा स्थगित! पिथौरागढ़-नैनीताल जनपद में बिगड़े हालात

'Red Alert' for rain in Uttarakhand: Chaos from the mountains to the plains! 57 roads closed, Char Dham Yatra suspended; situation worsens in Pithoragarh and Nainital.

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। शुक्रवार रात से शुरू हुई मूसलधार बारिश का दौर रविवार को भी जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आज देहरादून, पौड़ी और टिहरी जिले में भारी से बहुत भारी और कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, प्रदेश के अन्य जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ों में भूस्खलन और सड़कें बंद होने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। प्रदेशभर में फिलहाल 57 मार्ग बंद हैं। हालात को देखते हुए चारधाम यात्रा को रविवार तक स्थगित कर दिया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार देहरादून, पौड़ी और टिहरी में कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। अन्य जिलों में भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। कुछ स्थानों पर हवा की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक पहुंच सकती है। सोमवार को उत्तरकाशी, देहरादून और हरिद्वार में तेज बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की स्थिति को देखते हुए ही यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी है।

57 मार्ग बंद, कई जिलों में संपर्क प्रभावित
लगातार बारिश और भूस्खलन से प्रदेश की सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई है। राज्य में कुल 57 मार्ग बंद बताए गए हैं। इनमें अल्मोड़ा के दो, बागेश्वर के चार, चमोली के आठ, देहरादून के आठ और नैनीताल के 11 मार्ग शामिल हैं। पौड़ी में तीन, पिथौरागढ़ में 11, रुद्रप्रयाग में तीन, टिहरी में पांच और उत्तरकाशी में दो सड़कें बंद हैं। मार्ग बंद होने से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। बारिश के कारण नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। हरिद्वार में शाम चार बजे गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से महज तीन मीटर नीचे रह गया था। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी तथा बागेश्वर में सरयू नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। प्रशासन की ओर से नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

ऊधमसिंह नगर में सबसे ज्यादा बारिश
प्रदेश के मैदानी इलाकों में भी बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है। रविवार को ऊधमसिंह नगर जिले में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई। गुलरभोज में 91.5 मिलीमीटर, काशीपुर में 89 मिलीमीटर और गदरपुर में 86 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। रुद्रपुर में लगातार बारिश से शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। नदी-नाले उफान पर हैं और कई कॉलोनियों में पानी भर गया है। बाजारों और मुख्य मार्गों पर भी जलभराव से लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। कई इलाकों में बारिश का पानी सड़कों पर जमा होने से यातायात प्रभावित हुआ है।

पिथौरागढ़ में भारी बारिश से संपर्क कटा
सीमांत जिले पिथौरागढ़ में बीते 48 घंटे से हो रही मूसलधार बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार भूस्खलन और सड़कों पर मलबा आने से जिले का संपर्क कई स्थानों पर बाधित हो गया है। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर घाट के पास पहाड़ी से लगातार बोल्डर और मलबा गिरने के कारण पिछले करीब 36 घंटे से यातायात ठप है। हाईवे के दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंसे हुए हैं। कूलागाड़ के पास भी हाईवे बंद होने से आवाजाही प्रभावित है। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर गस्कू और मलघाट के पास बोल्डर गिरने तथा एस-बैंड के समीप सड़क का बड़ा हिस्सा बहने से चीन सीमा की ओर संपर्क प्रभावित हुआ है। मुनस्यारी-मिलम मार्ग पर भी भारी बोल्डर आने से यातायात बंद है। धारचूला में काली नदी चेतावनी स्तर को पार कर चुकी है। नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद नदी किनारे के इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। जिले में करीब 17 संपर्क मार्ग मलबा आने के कारण बंद बताए जा रहे हैं, जिससे कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है।

नैनीताल में 36 घंटे से मूसलधार बारिश, 15 सड़कें बंद
नैनीताल में बीते करीब 36 घंटे से लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। शहर में रोजमर्रा के कामकाज के लिए आवाजाही करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हल्द्वानी रोड पर दोगांव के समीप भारी मलबा आने से यातायात बाधित हुआ है। वाहनों को वाया भीमताल-भवाली और कालाढूंगी मार्ग से भेजा जा रहा है। बीते 24 घंटे में नैनीताल शहर में करीब 132 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। लगातार बारिश के चलते नैनीताल झील का जलस्तर बढ़कर 88.8 फीट पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने को देखते हुए सिंचाई विभाग ने झील के दोनों निकासी गेट पूरी क्षमता के साथ खोल दिए हैं। दोनों गेटों से 18-18 इंच पानी की निकासी किए जाने के बावजूद झील का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बारिश के कारण नैनीताल जिले में भी सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित है। आपदा नियंत्रण कक्ष के अनुसार जिले में 15 मोटर मार्ग बाधित हैं। इनमें दो राष्ट्रीय राजमार्ग, तीन राज्य मार्ग, एक जिला मार्ग और नौ ग्रामीण मार्ग शामिल हैं। ज्योलीकोट-भवाली-क्वारब और हल्द्वानी-नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग भी प्रभावित हैं। लगातार बारिश से नैनीताल का पर्यटन कारोबार भी प्रभावित हुआ है। खराब मौसम के चलते पर्यटकों की आमद कम होने से शहर की सड़कें और पर्यटन स्थल सामान्य दिनों की तुलना में सुनसान नजर आ रहे हैं। मौसम खराब होने के कारण पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भी अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।