पंजाब के एलपीयू में बवालः रेप के बाद छात्रा की खुदकुशी की अफवाह पर भड़के छात्र! तोड़फोड़-आगजनी के बाद जाम किया हाईवे, मिग-23 और सैन्य टैंक के ऊपर चढ़े छात्र
जालंधर/फगवाड़ा। पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में रविवार को सोशल मीडिया पर एक छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न की खबर फैलने के बाद छात्रों का विरोध-प्रदर्शन उग्र हो गया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र कैंपस में जुट गए और नारेबाजी की। स्थिति बिगड़ने पर विश्वविद्यालय परिसर में तोड़फोड़ और कुछ सामान में आग लगाए जाने की घटनाएं सामने आईं। छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे को भी जाम कर दिया, जिसके चलते यातायात प्रभावित हुआ। कैंपस से सामने आए वीडियो में प्रदर्शनकारी छात्र न्याय की मांग करते और नारेबाजी करते नजर आए। कुछ वीडियो में छात्र विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शित भारतीय वायुसेना के MiG-23UM विमान और एक सैन्य टैंक के ऊपर चढ़े दिखाई दिए। इसके अलावा कई जगह खिड़ियों के शीशे टूटे हुए, गमले क्षतिग्रस्त और परिसर की कुछ दुकानों में तोड़फोड़ के दृश्य सामने आए। कुछ हिस्सों और सामान में आग लगाए जाने की भी रिपोर्ट है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने मामले की निष्पक्ष जांच और छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई। छात्रों की ओर से कथित घटना की सच्चाई सामने लाने, जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई, मामले की पारदर्शी जांच और हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने जैसी मांगें रखे जाने की बात सामने आई है। प्रदर्शनकारी छात्र हॉस्टल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाते रहे। रिपोर्टों के अनुसार छात्राओं की ओर से गर्ल्स हॉस्टल में महिला स्टाफ की तैनाती की मांग भी उठाई गई। पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन के स्तर पर इन मांगों को लेकर छात्रों से बातचीत की गई। मामले को लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला के अनुसार पुलिस को छात्रा का बयान मिला है और उसके आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी की पहचान स्पष्ट नहीं होने के कारण मामला अज्ञात के खिलाफ दर्ज किए जाने की बात कही गई है। जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार SIT की अगुवाई फगवाड़ा के एसपी मेजर सिंह कर रहे हैं। जांच में सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक साक्ष्यों और फोन कॉल से संबंधित जानकारी का विश्लेषण किया जाएगा। जांच प्रक्रिया में छात्र प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है, ताकि मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा सके।
हाईवे जाम होने से यातायात प्रभावित
कैंपस में प्रदर्शन के बाद छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे पर भी विरोध जताया और मार्ग को जाम कर दिया। इससे दोनों तरफ वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने यातायात को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर स्थिति सामान्य करने की कोशिश की। अधिकारियों के मुताबिक बाद में हालात नियंत्रण में आने लगे। वहीं, पुलिस परिसर में हुई तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं की भी जांच कर रही है।
विश्वविद्यालय ने सोशल मीडिया के दावों को बताया अफवाह
दूसरी ओर, एलपीयू प्रशासन ने सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे दावों का खंडन किया है। विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर झूठी, बेबुनियाद और भ्रामक सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं। विश्वविद्यालय ने छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक माध्यमों से जारी सूचना को ही मानें। इस मामले में पुलिस जांच और SIT की रिपोर्ट के बाद ही सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस का फोकस मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाने, कथित घटना की जांच करने और कैंपस में कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर है।