नैनीतालः कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति दिवान सिंह रावत का बड़ा ऐलान, दूसरे कार्यकाल के लिए नहीं करेंगे आवेदन

Nainital: Kumaun University Vice-Chancellor Diwan Singh Rawat makes a major announcement; will not apply for a second term.

नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिवान सिंह रावत ने अपने दूसरे कार्यकाल को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह कुलपति के दूसरे कार्यकाल के लिए आवेदन नहीं करेंगे। सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में रावत ने कहा कि दूसरे कार्यकाल के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 10 अगस्त 2026 थी, लेकिन उन्होंने आवेदन नहीं करने का निर्णय लिया है। कुलपति रावत ने अपने संदेश में लिखा कि काफी विचार-विमर्श और कृतज्ञता की भावना के बाद उन्होंने दूसरे कार्यकाल के लिए आवेदन नहीं करने का फैसला लिया है। उन्होंने कुमाऊं विश्वविद्यालय का नेतृत्व करना अपने जीवन के सबसे बड़े सम्मान और भावनात्मक यात्राओं में से एक बताया। रावत ने विश्वविद्यालय से जुड़े अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि वह इस अध्याय को संतोष, यादों और उन सभी सहयोगियों, विद्यार्थियों, पूर्व छात्रों और शुभचिंतकों के प्रति आभार के साथ समाप्त कर रहे हैं, जिन्होंने उनका साथ दिया।

विस्तार को लेकर भी किया जिक्र
कुलपति ने अपने संदेश में राज्यपाल यानी HE (His Excellency) का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें मिला विस्तार उन्होंने कुछ लंबित कार्यों को पूरा करने और प्रशासन में निरंतरता बनाए रखने के लिए स्वीकार किया था। उन्होंने कहा कि कुमाऊं विश्वविद्यालय हमेशा उनके दिल का हिस्सा रहेगा। विश्वविद्यालय के साथ उनका जुड़ाव भले बदल जाए, लेकिन विश्वविद्यालय की प्रगति के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और अपने अल्मा मेटर के प्रति उनका प्रेम हमेशा बना रहेगा। अपने संदेश के अंत में रावत ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के प्रति भी सहयोग, समर्थन और अवसर देने के लिए आभार व्यक्त किया। अब कुलपति के इस ऐलान के बाद कुमाऊं विश्वविद्यालय में नए कुलपति की नियुक्ति को लेकर चर्चाएं तेज होना तय माना जा रहा है। उनके कार्यकाल के दौरान विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न विवादों और प्रशासनिक फैसलों को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं, ऐसे में उनका दूसरे कार्यकाल के लिए आवेदन न करना आज हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछे गए तीखे सवालों और उठे गंभीर मुद्दों के बीच खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, कुलपति ने अपने बयान में दूसरे कार्यकाल के लिए आवेदन नहीं करने की वजह के तौर पर इन सवालों या किसी विवाद का जिक्र नहीं किया है।