उत्तराखंड में वीर बाल दिवस की तैयारी! 26 दिसंबर को शिक्षण संस्थानों में होंगे विशेष कार्यक्रम
उत्तराखंड में शिक्षण संस्थाओं में वीर बाल दिवस मनाया जाएगा। खास बात ये है कि इस मौके पर छात्रों को गुरु गोविंद सिंह के पुत्रों की वीरता की वीरता और उनके बलिदान की जानकारी दी जाएगी। जबकि इससे पहले विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
उत्तराखंड में शिक्षण संस्थानों के माध्यम से 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाया जाने का फैसला लिया गया है। इस दौरान सरकारी स्कूलों और कॉलेज में इसके लिए विशेष आयोजन किए जाएंगे। वीर बाल दिवस के मौके पर सिखों के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह के पुत्रों की वीरता और बलिदान के बारे में बताया जाएगा। खास बात ये है कि इससे पहले 25 दिसंबर को भी शिक्षा विभाग की तरफ से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर विभिन्न विचार गोष्ठियां आयोजित करने का फैसला लिया गया है। जिसके लिए शासन की तरफ से आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने बताया कि पिछले साल की तरह ही इस बार भी वीर बाल दिवस के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान शिक्षण संस्थानों में क्विज और भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन कराया जाएगा। एक तरफ विभिन्न कार्यक्रमों के लिए तैयारी की जा रही है तो दूसरी तरफ शिक्षा मंत्री की तरफ से शिक्षण संस्थानों के प्रबंधन से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि इन कार्यक्रमों के लिए शत प्रतिशत छात्र-छात्राओं की भागीदारी को सुनिश्चित किया जाए। दरअसल इस तरह के कार्यक्रमों को आयोजित करने का मकसद देश की युवा पीढ़ी को शहीदों और वीर बलिदानियों के बारे में जानकारी देना है। ताकि युवा पीढ़ी इन ऐतिहासिक जानकारी को लेकर देश के विकास में अपनी भागीदारी को अदा कर सके और उन्हें ऐतिहासिक कहानियां से प्रेरणा भी मिल सके। वहीं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती को भी इस बार धूमधाम से मनाए जाने का फैसला लिया गया है। इसके लिए भी विभिन्न सरकारी विश्वविद्यालय में विचार गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से अटल बिहारी वाजपेयी जी के जीवन में किए गए संघर्ष और देश के लिए किए गए कार्यों की जानकारी युवा पीढ़ी ले सकेगी। शासन की तरफ से आदेश जारी होने और शिक्षा मंत्री के निर्देशों के बाद अब तमाम शैक्षणिक संस्थान भी इन कार्यक्रमों की तैयारी में जुट गए हैं। शैक्षणिक संस्थान भी इन कार्यक्रमों में छात्रों की भागीदारी को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए पहले से ही छात्रों को सूचना दे दी गई है।