Aug 19, 2026 Login

राजनीति विशेष:सत्ता के लिए कांग्रेस में दोबारा आने वाले है महापापी कुलदेवता के सामने करना होगा......पूरी खबर लिंक पर

Politics Special: Those who are going to come again in Congress for power, will have to do it in front of the great totem...... full news on link

उत्तराखंड की राजनीति में इनदिनों भूचाल आया हुआ है अख़बार के पन्ने पलटे जाए तो ज़्यादातर पन्ने इनदिनों बीजेपी का दामन छोड़ वापस कांग्रेस में जाने वाले पिता पुत्र के ही किस्से दिखाई देंगे। कांग्रेस में वापसी करने बाद यशपाल आर्य और उनके पुत्र संजीव आर्य से बीजेपी ही नही बल्कि कई कांग्रेसी नेता भी नाराज़ है। पहले नैनीताल की पूर्व विधायक सरिता आर्य ने तंज कसा था कि दोनों पिता पुत्र कांग्रेस में मलाई खाने आये है। अगर मुझे टिकट नही मिला तो कांग्रेस छोड़ दूँगी। अब पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी बीजेपी के उन नेताओं की वापसी पर खासे नाराज दिखाई दे रहे है जो 2016 में कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए थे। हरीश रावत ने उन नेताओं को महापापी की संज्ञा दी है। हरीश रावत ने कहा कि जिन महापापी लोगो ने 2016 में कांग्रेस की सरकार गिराने का महापाप किया था जब तक वो सार्वजनिक रूप से अपनी गलती मानते हुए माफी नही मांगते तब तक वो उनको कांग्रेस में वापस लेने के पक्ष में नही है। हरीश रावत ने आगे ये भी कहा कि इस महापाप से उत्तराखंड पर भी कलंक लगा है इसीलिए उन्हें अपनी गलती माननी होगी और कांग्रेस के साथ निष्ठा से खड़े होने की बात स्वीकारनी होगी। जो भी कांग्रेस में दोबारा आना चाहता है उन्हें सार्वजनिक तौर पर खेद प्रकट करना पड़ेगा, वह चाहें तो अपने कुलदेवता के सम्मुख भी ऐसा कर सकते हैं, लेकिन उन्हें बताना पड़ेगा कि उन्होंने महापाप किया था और वह इसके लिए क्षमा चाहते हैं। यदि ऐसा करते हैं तो वह रास्ते में नहीं आएंगे। बिना माफी ऐसे लोग कांग्रेस में प्रवेश करते हैं तो यह उनके लिए बहुत कठिन हो जाएगा। हरीश ने कहा कि यह सवाल सिर्फ उनकी सरकार गिराने का नहीं है, यह सवाल उत्तराखंड की मूल मान्यता और यहां की राजनीतिक संस्कृति पर भी एक काले धब्बे की तरह है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ये भी कहा कि यशपाल आर्य उन लोगों में शामिल नहीं थे। वह व्यक्तिगत कारणों से पार्टी से बाहर गए थे। उन्होंने कांग्रेस के खिलाफ कभी कोई गलत बयान नहीं दिया। इनमें से एक-दो लोग ऐसे थे, जो बेबस होकर गए। उन्हें भी वह पार्टी में स्वीकार करने को तैयार हैं। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि वह एक महिला के विषय में जानते हैं, जिसे एक मंत्री ने गाली देकर अपनी तरफ खींचा था, वह नहीं जाना चाहती थी। उस मंत्री ने अभद्र टिप्पणी करते हुए कहा था कि तुमने पैसे तो ले लिए और अब आने से मना कर रही हो। 
गौरतलब है कि 2016 में उत्तराखंड की राजनीति अचानक लड़खड़ा गयी थी तब विजय बहुगुणा और हरक सिंह रावत की अगुवाई में कांग्रेस के 9 बागी विधायकों ने बीजेपी के दामन थामा था। उस वक्त उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था। जिसके बाद हरीश रावत की सरकार औंधे मुंह गिर गयी थी। उन बागी विधायकों में यशपाल आर्य भी शामिल थे । हरीश रावत ने इस पूरे मामले में हाईकोर्ट की शरण भी ली थी हाईकोर्ट के आदेश पर हरीश रावत की सरकार बहाल हुई थी। लेकिन 2017 में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था।