Oct 02, 2026 Login

बड़ी खबरः SIR को लेकर जंतर-मंतर पर संग्राम! 700 से ज्यादा प्रदर्शनकारी हिरासत में, इंटरनेट सेवा बंद! मेट्रो के 12 स्टेशन बंद

 Breaking News: Uproar at Jantar Mantar over SIR! Over 700 protesters detained, internet services suspended! 12 metro stations closed.

नई दिल्ली। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर दिल्ली में सियासी और सामाजिक संगठनों का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को तेज हो गया। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर जुटे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 700 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए लोगों में आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज, संजीव झा, आतिशी और संजय सिंह समेत पार्टी कार्यकर्ता और विभिन्न छात्र संगठनों के सदस्य शामिल रहे। प्रदर्शन में AAP के अलावा ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन यानी AISA, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया यानी SFI, नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया यानी NSUI और अन्य छात्र एवं युवा संगठनों के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों की ओर से SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूचियों से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाया गया। इन संगठनों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू थे। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन और मार्च की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग जंतर-मंतर और उसके आसपास पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू किया।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जंतर-मंतर के अलावा आसपास के इलाकों में भी प्रदर्शनकारियों को रोका गया। प्रदर्शन के दौरान AAP नेता सौरभ भारद्वाज और संजीव झा को जंतर-मंतर पर हिरासत में लिया गया। पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री आतिशी भी प्रदर्शन में पहुंचीं और बाद में उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वहीं राज्यसभा सांसद संजय सिंह को संसद की ओर बढ़ने से रोका गया। रिपोर्टों के मुताबिक, संजय सिंह ने सड़क पर ही बैठकर विरोध जताया और संसद में कथित मतदाता नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाने की बात कही। प्रदर्शन का असर जंतर-मंतर तक सीमित नहीं रहा। SFI से जुड़े बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश की खबरें सामने आईं। पुलिस ने उन्हें अशोक रोड के पास रोक दिया और कई लोगों को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शन के मद्देनजर जंतर-मंतर, संसद मार्ग और नई दिल्ली के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। बैरिकेडिंग के साथ बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के घायल होने से जुड़े सवाल पर कहा कि कुछ लोगों को चोटें आई हैं और स्थिति का आकलन किया जा रहा है। पुलिस की ओर से लगातार भीड़ को नियंत्रित करने और प्रतिबंधित क्षेत्र में आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की गई। प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी के यातायात और सार्वजनिक परिवहन पर भी असर पड़ा। दिल्ली मेट्रो ने नई दिल्ली जिले के आसपास कई स्टेशनों के प्रवेश और निकास पर प्रतिबंध लगाए, जबकि प्रमुख सड़कों पर भी यातायात नियंत्रण किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, जंतर-मंतर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है।