Aug 19, 2026 Login

बागेश्वर उप चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारी तेज! प्रत्याशी के चयन को लेकर हो रही माथापच्ची

Political parties speed up preparations for Bageshwar by-election! tussle over candidate selection

बागेश्वर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की तिथियों का ऐलान होने के बाद राजनीतिक पार्टियां तैयारियों में जुट गई हैं। प्रदेश की दोनों मुख्य पार्टियां भाजपा और कांग्रेस के बीच प्रत्याशी के चयन को लेकर माथापच्ची की कवायद भी शुरू हो गई है. इसके अलावा दोनों पार्टियां अपनी-अपनी जीत का दावा कर रही हैं। 

बागेश्वर उप चुनाव के लिए मतदान की तारीख घोषित हो चुकी है। जिसके तहत 5 सितंबर को वोटिंग होगी जबकि 8 सितंबर को मतगणना संपन्न होगी। ऐसे में सत्ता में काबिज भाजपा और विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने उप चुनाव में जीत हासिल करने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। इसके अलावा दोनों पार्टियों ने उप चुनाव में जीतने का दावा भी किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का कहना है कि उपचुनाव के लिए जल्द ही संगठन अपने प्रत्याशी की घोषणा करेगा और भाजपा बागेश्वर विधानसभा उपचुनाव रिकॉर्ड तोड़ मतों से जीतने जा रही है। वहीं कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल बिस्ट का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य बागेश्वर का तीन बार दौरा कर चुके हैं। बागेश्वर उपचुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी काफी समय से अपनी तैयारी कर रही है। जिसके तहत सभी 180 बूथों का पुनर्गठन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि वहां होने जा रहे चुनाव को देखते हुए पार्टी ने तीन लोगों का पैनल गठित किया है और जल्द ही प्रत्याशी की घोषणा कर दी जाएगी।  परिवहन मंत्री रहे चंदन राम दास का 26 अप्रैल को निधन हो गया था। जिसके बाद से बागेश्वर विधानसभा सीट खाली चल रही है। ऐसे में बागेश्वर विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराए जाने को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने तिथियों का ऐलान कर दिया है। भारत निर्वाचन आयोग के नियमानुसार अगर कोई भी विधानसभा सीट खाली होती है तो खाली होने की तिथि से अगले 6 महीने के भीतर उस सीट पर उपचुनाव करना होता है। बीजेपी परिवहन मंत्री रहे चंदन राम दास की पत्नी पर दांव खेल सकती है, क्योंकि इससे बीजेपी को उपचुनाव में चंदन राम दास की अच्छी छवि का बड़ा फायदा मिलेगा। हालांकि बीजेपी की पार्लियामेंट्री बोर्ड को यह निर्णय लेना है कि बागेश्वर उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी कौन होगा वहीं कांग्रेस इस उपचुनाव में रंजीत दास पर दोबारा दांव खेल सकती है क्योंकि 2022 में कांग्रेस ने रंजीत दास को ही प्रत्याशी बनाया था और उस दौरान रंजीत दास करीब 12 हजार वोटों से चुनाव हारे थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ये पहले से ही उम्मीद थी कि बागेश्वर उप चुनाव होना है। जिसको लेकर पहले से ही जिला प्रशासन और पार्टियों की तरफ से तैयारियां पूरी हैं। वही भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विपिन कैंथोला ने बताया कि बागेश्वर उपचुनाव पर प्रत्याशी कौन होगा इसका निर्णय पार्लियामेंट्री बोर्ड का काम है। हालांकि, चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी है। ऐसे में जल्द ही प्रत्याशी के नाम पर मुहर लग जाएगी।