रुद्रपुर की सियासतः एक परियोजना, दो दावे! प्रवेश द्वार को लेकर आमने-सामने आए भाजपा विधायक और मेयर, फिर खुलकर सामने आई अंदरूनी खींचतान
रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर जिला मुख्यालय रुद्रपुर में भाजपा विधायक शिव अरोरा और मेयर विकास शर्मा के बीच चल रही खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। गुरुवार को शहर के प्रस्तावित भव्य प्रवेश द्वार को लेकर दोनों नेताओं ने अलग-अलग तरीके से अपनी भूमिका सामने रखी, जिससे शहर की राजनीति गरमा गई। दरअसल, आज गुरूवार को विधायक शिव अरोरा ने प्रेस वार्ता में बताया कि दिल्ली-नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब दो करोड़ रुपये की लागत से कुमाऊं क्षेत्र का भव्य प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि 20 फरवरी 2023 को उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इसका प्रस्ताव सौंपा था। मुख्यमंत्री ने इसे अपनी घोषणाओं में शामिल किया, जिसके बाद परियोजना आगे बढ़ी। प्रारंभ में निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को दी गई थी, लेकिन बाद में इसे जिला विकास प्राधिकरण को सौंप दिया गया।

विधायक की प्रेस वार्ता के कुछ ही घंटे बाद मेयर विकास शर्मा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दावा किया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का प्रस्ताव नगर निगम की ओर से शासन को भेजा गया और लगातार उसका अनुश्रवण भी किया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत मुलाकात में भी इस विषय को रखा गया था तथा 23 मई 2026 को जिला विकास प्राधिकरण को पत्र भेजकर प्रस्ताव को शीघ्र आगे बढ़ाने का आग्रह किया गया, जिसके बाद प्रक्रिया में तेजी आई और अब डीपीआर को स्वीकृति मिल गई है। मेयर ने कहा कि करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह स्वागत द्वार देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग से रुद्रपुर में विकास कार्यों को लगातार गति मिल रही है। हालांकि प्रवेश द्वार का निर्माण कब शुरू होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन परियोजना का श्रेय लेने की होड़ ने भाजपा की अंदरूनी राजनीति को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। विधानसभा चुनाव से पहले विधायक और मेयर के बीच बढ़ती सियासी दूरी शहर में चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है।