ऑपरेशन प्रहारः हल्द्वानी में IPL सट्टा गैंग का करोड़ों का खेल बेनकाब! दो सगे भाइयों समेत तीन गिरफ्तार
नैनीताल। ऑपरेशन प्रहार के तहत नैनीताल पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशों पर मुखानी पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने आईपीएल सट्टेबाजी के करोड़ों रुपये के अवैध कारोबार का भंडाफोड़ करते हुए दो सगे भाइयों समेत तीन शातिर सटोरियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से छह महंगे मोबाइल फोन, एक रजिस्टर, एक पेन, 51 हजार 100 रुपये नकद और एक क्रेटा कार बरामद कर सीज कर दी है। शुरुआती पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी प्रतिदिन सात से आठ लाख रुपये तक का सट्टा संचालित कर रहे थे और अब तक करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये का सट्टा खिला चुके हैं। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार कत्याल और क्षेत्राधिकारी अमित कुमार सैनी के पर्यवेक्षण में थाना मुखानी प्रभारी सुशील जोशी के नेतृत्व में उप निरीक्षक वीरेंद्र चंद और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मुखानी थाना क्षेत्र के मधुबन कॉलोनी स्थित एस मोड़ के पास खाली प्लॉट में कुछ लोग आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा लगवा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और एसओजी की टीम ने मौके पर घेराबंदी कर दबिश दी और तीनों आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवि गुप्ता उर्फ झबरा, रोहित गुप्ता निवासी बनभूलपुरा तथा मोहित प्रसाद निवासी मुखानी के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे आईपीएल मैचों के दौरान रोजाना लाखों रुपये का सट्टा संचालित करते थे। मोबाइल एप्स और कॉल नेटवर्क के जरिए ग्राहकों से संपर्क कर मैचों पर दांव लगवाए जाते थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अब तक इस गिरोह ने करीब तीन करोड़ पचास लाख रुपये का अवैध कारोबार किया है। पुलिस अब इनके बैंक खातों, मोबाइल डाटा और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है। मुख्य आरोपी रवि गुप्ता उर्फ झबरा का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ बनभूलपुरा कोतवाली में आबकारी अधिनियम, एनडीपीएस एक्ट और महामारी अधिनियम के तहत कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं। इस बड़ी सफलता पर एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने पुलिस टीम को दो हजार रुपये नगद पुरस्कार देकर उत्साहवर्धन किया है। पुलिस टीम में उप निरीक्षक वीरेंद्र चंद, हेड कांस्टेबल कुंदन कठायत, त्रिलोक रौतेला, कांस्टेबल अशोक रावत, भूपेंद्र जेष्ठा, भानु प्रताप ओली, सुरेश देवड़ी और भगवती पाठक शामिल रहे।