नीट पेपर लीक: रिटायर्ड टीचर की 'सीक्रेट क्लास' में बिका छात्रों का भविष्य,सीबीआई का बड़ा खुलासा
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी 2026) के पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच एजेंसी ने इस पूरे खेल के कथित 'किंगपिन' और मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार कर लिया है। कुलकर्णी पुणे का एक रिटायर्ड केमिस्ट्री टीचर है, जिसने लाखों रुपये लेकर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ की खौफनाक पटकथा लिखी। इस खुलासे के बाद हड़कंप मच गया है।
सीबीआई जांच में सामने आया कि डिजिटल सर्विलांस और तकनीकी पकड़ से बचने के लिए आरोपी ने बेहद शातिर तरीका अपनाया। अप्रैल के आखिरी हफ्ते में पीवी कुलकर्णी ने अपनी सहयोगी मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर चुनिंदा छात्रों का एक गुप्त ग्रुप बनाया। कुलकर्णी ने किसी डिजिटल कॉपी, व्हाट्सएप या प्रिंटेड पेपर का इस्तेमाल नहीं किया। इसके बजाय, उसने अपने पुणे स्थित घर पर 'स्पेशल कोचिंग क्लास' बुलाई। इस सीक्रेट क्लास में छात्रों को नीट-यूजी 2026 के असली केमिस्ट्री पेपर के सवाल, विकल्प और उनके सही जवाब बोलकर (डिक्टेट करके) हाथ से लिखवाए गए। सीबीआई को छापेमारी के दौरान जो हस्तलिखित (handwritten) नोट्स मिले हैं, वे असली प्रश्नपत्र से हूबहू मेल खा गए हैं, जो लीक की पुख्ता गवाही देते हैं। आरोपी पीवी कुलकर्णी मूल रूप से महाराष्ट्र के लातूर का रहने वाला है और एक प्रतिष्ठित कॉलेज में केमिस्ट्री फैकल्टी रह चुका है। सीबीआई के मुताबिक, रिटायर होने के बाद भी उसका नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की परीक्षा प्रक्रिया से संबंध था, जिसके दम पर उसने गोपनीय प्रश्नपत्रों तक अपनी पहुंच बनाई। इस काले कारोबार को अंजाम देने के लिए बिचौलियों का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय था, जो प्रति छात्र लाखों रुपये वसूल कर उन्हें इस 'स्पेशल क्लास' तक पहुंचा रहा था। जांच की आंच अब लातूर की मशहूर 'रेनुकाई केमिस्ट्री क्लासेस' (आरसीसी) तक भी पहुंच गई है। सीबीआई की 28 सदस्यीय टीम ने इसके डायरेक्टर शिवराज मोटेगांवकर के घर पहुंचकर सघन पूछताछ की है। इस साल करीब 22 लाख छात्रों ने नीट-यूजी की परीक्षा दी थी, लेकिन 7 मई को राजस्थान में पहली बार मामला सामने आने और धांधली की पुष्टि होने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई। शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर 12 मई को केस दर्ज करने वाली सीबीआई अब तक जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से 7 आरोपियों को दबोच चुकी है। जब्त इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की फॉरेंसिक जांच जारी है। अब पीड़ित छात्रों को न्याय देने के लिए आगामी 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी।