नैनीताल: दोनों में थे मित्रतापूर्ण संबंध! नरेश पांडे ने कोर्ट में दायर की अग्रिम जमानत याचिका, रखी अपनी दलील, कहा- राजनीतिक साजिश का शिकार
नैनीताल। भवाली व्यापार मण्डल के अध्यक्ष नरेश पाण्डे ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश नैनीताल में प्रथम अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। उन्होंने थाना मल्लीताल में दर्ज मुकदमा संख्या 19/2026 (धारा 351(2), 69 बीएनएस) को पूरी तरह झूठा और साजिशपूर्ण बताया है। याचिका में नरेश पाण्डे ने कहा है कि युवती द्वारा लगाए गए आरोप मनगढ़ंत और झूठे हैं। उन्होंने दावा किया कि दोनों के बीच केवल मित्रतापूर्ण संबंध थे और उन्होंने युवती को कई बार आर्थिक सहायता भी प्रदान की थी। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि युवती ने बाद में थाना मल्लीताल में दिए गए शिकायती पत्र में स्वीकार किया कि उन्होंने पहले की रिपोर्ट कुछ लोगों के दबाव और धमकी के कारण दर्ज कराई थी।
नरेश पांडे ने याचिका में ये भी लिखा है कि वो पिछले 7 वर्षों से नैनीताल जिले में पहाड़ी क्षेत्र के गरीब परिवारों की लगातार मदद करते रहे हैं। वे गरीबों को राशन, कपड़े, इलाज मुहैया कराने और बच्चों की शिक्षा व अन्य सहायता के कार्य में सक्रिय हैं। भवाली व्यापार मण्डल के अध्यक्ष के रूप में उनकी बढ़ती लोकप्रियता के कारण कुछ राजनैतिक लोगों और शत्रुओं ने उनके विरुद्ध साजिश रची है, ताकि वे चुनावी मैदान में न उतर सकें। याचिका में कहा गया है कि प्रार्थी विवाहित हैं, उनके दो बच्चे हैं और वे परिवार के साथ भवाली में ही रहते हैं। उनके विरुद्ध कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। उन्होंने विवेचना में पूर्ण सहयोग किया है और दोनों मोबाइल फोन भी विवेचक को सौंप दिए हैं। याचिका के अनुसार, 19 मई 2026 को सुबह 7:54 बजे पुलिस ने नरेश पाण्डे को घर से उठाया और रातभर थाने में 18-20 घंटे पूछताछ की। अगले दिन सुबह 6:15 बजे उन्हें छोड़ा गया। इस दौरान उनके दोनों मोबाइल फोन पुलिस कस्टडी में लिए गए।
अधिवक्ता के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि एफआईआर काफी देरी से और सोच-समझकर लिखाई गई है। प्रथम दृष्टया आरोपी के विरुद्ध कोई अपराध बनता भी नहीं दिखता है। ऐसे में पुलिस द्वारा गिरफ्तारी और संभावित दुर्व्यवहार की आशंका को देखते हुए अग्रिम जमानत दिए जाने की प्रार्थना की गई है। नरेश पाण्डे ने न्यायालय से आग्रह किया है कि मामले की विवेचना के दौरान उन्हें अग्रिम जमानत पर रिहा किया जाए ताकि वे बिना किसी भय के जांच में सहयोग कर सकें।