नैनीताल:तो क्या 2021 में ही निरस्त हो चुका था फिटनेस सर्टिफिकेट, फिर कैसे दौड़ रहा था जल संस्थान का टैंकर?सड़क हादसे के बाद मां नयना देवी व्यापार मंडल ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
नैनीताल। मल्लीताल स्थित बीड़ी पांडेय अस्पताल के समीप 12 जून को जल संस्थान के पानी के टैंकर की चपेट में आकर दो महिला पर्यटकों के गंभीर रूप से घायल होने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अब सामने आया है कि हादसे में शामिल जल संस्थान के टैंकर का फिटनेस प्रमाणपत्र वर्ष 2021 में ही निरस्त हो चुका था। इस जानकारी के सार्वजनिक होने के बाद पुलिस ने संबंधित वाहन को सीज कर दिया है।
मां नयना देवी नैनीताल व्यापार मंडल के संस्थापक अध्यक्ष पुनीत टंडन ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि इस मामले ने शहरवासियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों के बीच सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। उनका कहना है कि यदि किसी सरकारी वाहन का फिटनेस प्रमाणपत्र वर्षों पहले समाप्त हो चुका था, तो वह आखिर सड़कों पर कैसे संचालित हो रहा था और इसकी जिम्मेदारी किसकी है।

व्यापार मंडल ने इस पूरे प्रकरण को केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सरकारी वाहनों की फिटनेस और रखरखाव व्यवस्था पर बड़ा सवाल बताया है। इसी संबंध में अध्यक्ष पुनीत टंडन ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर जिले में संचालित सभी सरकारी वाहनों, विशेष रूप से नगर पालिका नैनीताल के वाहनों की फिटनेस जांच कराने तथा उनकी वास्तविक तकनीकी स्थिति का परीक्षण करने की मांग की है। साथ ही खराब हालत में संचालित वाहनों को तत्काल दुरुस्त करने और नए वाहन चालकों को पहाड़ों पर बड़े वाहनों को चलाने के लिए ट्रेनिंग एवं आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध भी किया गया है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि नगर पालिका के कई वाहन भी जर्जर अवस्था में संचालित हो रहे हैं, जिससे भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। व्यापार मंडल ने मांग की है कि सभी सरकारी वाहनों की व्यापक जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि वे सड़क पर चलने के लिए सुरक्षित हैं।
पुनीत टंडन ने जिलाधिकारी से इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित विभागों को कड़े निर्देश जारी करने और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट व्यापार मंडल को उपलब्ध कराने की मांग की है। ज्ञापन की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक (यातायात एवं अपराध) तथा अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद नैनीताल को भी भेजी गई है।

गौरतलब है कि 12 जून को हुए इस हादसे में दिल्ली से नैनीताल घूमने आई दो महिला पर्यटक गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। घटना के बाद से ही वाहन की तकनीकी स्थिति, विभागीय लापरवाही और सरकारी वाहनों की जवाबदेही को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। अब फिटनेस प्रमाणपत्र वर्ष 2021 में ही निरस्त होने का दावा सामने आने के बाद यह मामला और अधिक गंभीर हो गया है तथा संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगने लगे हैं।