नैनीतालः आल्मा कॉटेज इलाके में भू-धंसाव ने बढ़ाई टेंशन! कई घरों पर मंडरा रहा खतरा, मौका मुआयना करने पहुंची प्रशासनिक टीम
नैनीताल। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश का कहर जारी है। लगातार हो रही बारिश से जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, वहीं कई जगहों पर खतरे का साया भी मंडरा रहा है। इसी कड़ी में नैनीताल शहर में भी आल्मा कॉटेज इलाके में धंसाव के कारण कई घरों पर खतरा मंडरा रहा है और स्थिति बेहद चिंताजनक है। लगातार हो रही बारिश ने यहां की ज़मीन को इस कदर कमज़ोर कर दिया है कि पूरा इलाका धंसने लगा है। न सिर्फ सड़कें, बल्कि सुरक्षा दीवारें भी इसकी चपेट में हैं। कई जगहों पर सुरक्षा दीवारों में गहरी दरारें साफ देखी जा सकती हैं। इन दीवारों के कमज़ोर पड़ने से जहां ऊपर बसे कई घरों पर गिरने का खतरा मंडरा रहा है, वहीं पहाड़ी के ठीक नीचे रहने वाले लोग भी भूस्खलन की चपेट में आने आने की कगार में है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मार्ग संकरा और भारी वाहनों के लिए अनुकूल नहीं है, इसके बावजूद भी क्षेत्र में रेता-बजरी के भारी वाहनों के अलावा पर्यटकों के वाहनों का खासा दबाव है, जिसके चलते स्थिति और गंभीर बनते जा रही है। उन्होंने कई बार प्रशासन को इसकी जानकारी दी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। हालांकि पूर्व के वर्षों में भी इसी प्रकार की स्थिति देखने को मिली और इनके द्वारा शासन-प्रशासन से उचित ट्रीटमेंट देने की गुहार लगाई गई। इधर मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन द्वारा तत्काल स्थिति का जायजा लेते हुए मौका मुआयना किया गया। एसडीएम नावाजिस खालिक का कहना है उनके द्वारा क्षेत्र का निरीक्षण कर भूस्खलन क्षेत्र के स्थायी उपचार के लिए सर्वे कराया जा रहा है। फ़िलहाल सुरक्षा के मद्देनजर लोक निर्माण विभाग को तत्काल प्रभाव से अस्थायी उपचार करने के निर्देश दिए गए हैं।