नैनीताल: पत्नी की हत्या के मामले में पति दोषी करार, दहेज प्रताड़ना और हत्या के आरोप हुए साबित!
नैनीताल। अपर सत्र न्यायाधीश, नैनीताल की अदालत ने पत्नी की हत्या के मामले में आरोपी पति दीप शर्मा को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने उसे भारतीय न्याय संहिता की धारा 302 (हत्या) और धारा 304-बी (दहेज मृत्यु) के तहत दोषी पाया है। सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 9 जुलाई 2026 की तिथि निर्धारित की गई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, मल्लीताल निवासी दीप शर्मा का विवाह 28 फरवरी 2017 को भीमताल निवासी श्वेता आशु के साथ हुआ था। विवाह के बाद से ही महिला को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जाता था। मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया कि आरोपी तथा उसके परिवार के सदस्य दहेज की मांग पूरी न होने पर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते थे।
मामले में 2 फरवरी 2021 को मल्लीताल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। शिकायत में कहा गया था कि दहेज की मांग पूरी न होने पर आरोपी ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। घटना के बाद मृतका को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा तथा सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राम सिंह रौतेला ने पक्ष रखा। मामले में कुल 15 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
अभियोजन ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट को बताया कि मृतका के शरीर पर चोटों के निशान पाए गए थे तथा उसकी मृत्यु गला दबाने से हुई थी। कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और चिकित्सकीय रिपोर्टों का परीक्षण करने के बाद आरोपी को दोषी ठहराया।
मामले की सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने कोर्ट को बताया कि मृतका अंशु शर्मा के शव का 3 फरवरी 2021 को पोस्टमार्टम कराया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर मृत्यु से पूर्व छह चोटों के निशान पाए गए। चिकित्सकीय राय के अनुसार 2 फरवरी 2021 को करीब 12:30 बजे गला दबाए जाने से दम घुटने के कारण उसकी मृत्यु हुई थी। डॉक्टरों ने यह भी स्पष्ट किया कि मृत्यु का कारण फांसी लगना नहीं था।
अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर आरोपी दीप शर्मा ने अपनी पत्नी के साथ मारपीट की और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। अभियोजन के अनुसार, यह मामला संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का नहीं, बल्कि हत्या का है।
कोर्ट को यह भी बताया गया कि घटना के समय आरोपी घर पर मौजूद था, लेकिन उसने न तो पत्नी को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, न पंचायतनामा और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में शामिल हुआ तथा न ही घटना की सूचना पुलिस को दी। अभियोजन के अनुसार, घटना के बाद आरोपी कई दिनों तक फरार भी रहा।
अपर सत्र न्यायाधीश कुलदीप शर्मा की अदालत ने आरोपी दीप शर्मा को धारा 302 और 304-बी के तहत दोषसिद्ध कर न्यायिक हिरासत में लेने के आदेश दिए हैं। मामले में सजा का ऐलान 9 जुलाई 2026 को किया जाएगा।