नैनीताल:पर्यटन सीजन से पहले ही होटल-रेस्टोरेंट कारोबार पर पड़ा असर!कमर्शियल गैस के दाम बढ़े, खाना हुआ महंगा,कारोबारियों ने सरकार से लगाई राहत की गुहार
नैनीताल में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने पर्यटन उद्योग को बड़ा झटका दिया है। इस महंगाई का सीधा असर न केवल होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर पड़ रहा है, बल्कि आम लोगों को भी अब बाहर खाना खाने के लिए अपनी जेब अधिक ढीली करनी पड़ेगी। आगामी पर्यटन सीजन के मद्देनजर यह बढ़ोतरी कारोबारियों के लिए चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि इससे पर्यटकों की खर्च क्षमता और स्थानीय बाजार दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
देश-विदेश से आने वाले पर्यटक नैनीताल की खूबसूरत झीलों और सुहावने मौसम का आनंद लेने के लिए यहां पहुंचते हैं। गर्मियों के बढ़ते ही पर्यटकों की संख्या में तेजी आती है, जिससे स्थानीय पर्यटन उद्योग को बड़ी उम्मीदें रहती हैं। लेकिन गैस की कीमतों में उछाल ने इन उम्मीदों पर असर डालना शुरू कर दिया है।

रेस्टोरेंट संचालक:पान सिंह रौतेला
रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि बढ़ती लागत के चलते खाने-पीने की चीजों के दाम में 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। एक स्थानीय रेस्टोरेंट संचालक के अनुसार, पहले सिलेंडर की कमी से कारोबार प्रभावित हुआ था और अब कीमतों में वृद्धि ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। उनका कहना है कि इससे न केवल उनकी आजीविका पर संकट मंडरा रहा है, बल्कि पूरे पर्यटन क्षेत्र की आर्थिक स्थिति भी कमजोर हो सकती है।

रेस्टोरेंट संचालक:मोनिका भट्ट
हालांकि कारोबारी यह भी मानते हैं कि वे अचानक से कीमतों में भारी बढ़ोतरी नहीं कर सकते, क्योंकि इससे ग्राहकों पर नकारात्मक असर पड़ेगा। इसके बावजूद लागत बढ़ने के कारण मेन्यू में बदलाव लगभग तय माना जा रहा है। पर्यटन कारोबारियों ने सरकार और प्रशासन से गैस कीमतों में राहत देने की मांग की है, ताकि आगामी पर्यटन सीजन पर इसका नकारात्मक असर कम किया जा सके।
नैनीताल जैसे शहर में, जहां अधिकांश व्यापार पर्यटन पर निर्भर करता है, इस तरह की महंगाई आने वाले समय में स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती साबित हो सकती है।