उत्तराखण्डः नाराज मित्र को मनाने के लिए दोस्तों ने अपनाया अनोखा तरीका! शहरभर में चिपका दिए दोस्त की गुमशुदगी के पोस्टर, इनाम में रखी सिगरेट की डिब्बी! पुलिस ने सिखाया सबक

Uttarakhand: Friends adopted a unique method to pacify an upset buddy! They plastered 'missing person' posters of their friend all over the city, offering a pack of cigarettes as a reward! The police

ऋषिकेश। कभी-कभी दोस्तों के बीच किया गया मजाक इतना भारी पड़ जाता है कि मामला सीधे पुलिस थाने तक पहुंच जाता है। उत्तराखण्ड के ऋषिकेश में ऐसा ही एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां दोस्तों की नाराजगी और मनुहार के बीच किया गया मजाक विवाद का कारण बन गया। कई दिनों से बातचीत बंद होने पर युवकों ने अपने मित्र को गुमशुदा घोषित कर उसके पोस्टर शहरभर में चस्पा कर दिए। इतना ही नहीं, पोस्टर में उसे ढूंढकर लाने वाले के लिए सिगरेट की एक डिब्बी इनाम के रूप में घोषित कर दी गई। मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी। जानकारी के अनुसार रेलवे रोड निवासी एक युवक किसी निजी संस्था में कार्यरत है। कुछ समय पूर्व उसकी अपने तीन घनिष्ठ मित्रों से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। विवाद के बाद युवक ने अपने दोस्तों से बातचीत बंद कर दी और उनसे दूरी बना ली। कई दिनों तक संपर्क न होने पर दोस्तों ने उसे मनाने और वापस अपने समूह में शामिल करने के लिए एक अलग ही तरीका अपनाने का फैसला किया। युवकों ने अपने मित्र की तस्वीर के साथ "गुमशुदा" लिखवाकर पोस्टर तैयार करवाए। इन पोस्टरों में युवक की फोटो के साथ उसे खोजकर लाने वाले को सिगरेट की डिब्बी इनाम देने की घोषणा भी की गई। इसके बाद इन पोस्टरों को शहर के विभिन्न स्थानों, विशेषकर अंतरराज्यीय बस अड्डा परिसर और आशुतोष नगर क्षेत्र की दीवारों पर चिपका दिया गया।

यहीं नहीं, दोस्तों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी तैयार किया और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा कर दिया। देखते ही देखते वीडियो वायरल होने लगा और बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच गया। मामला तब गंभीर हो गया जब संबंधित युवक और उसके परिजनों की नजर वायरल वीडियो पर पड़ी। परिवार के लोग इस हरकत से नाराज हो गए और उन्होंने इसे युवक की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला कदम बताते हुए कोतवाली पहुंचकर शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित युवकों को पूछताछ के लिए बुलाया। पूछताछ के दौरान एक युवक ने पुलिस को बताया कि उनका मित्र काफी दिनों से उनसे बात नहीं कर रहा था। उन्होंने उसे मनाने और मजाकिया अंदाज में अपनी नाराजगी जताने के लिए यह तरीका अपनाया था। उनका किसी प्रकार की दुर्भावना रखने का इरादा नहीं था। हालांकि पुलिस ने युवकों की दलील सुनने के बाद भी इस कृत्य को गैर-जिम्मेदाराना माना। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति की तस्वीर और पहचान का इस प्रकार सार्वजनिक उपयोग करना तथा उसे गुमशुदा घोषित करना गंभीर मामला बन सकता है, जिससे अनावश्यक भ्रम और परेशानी पैदा होती है। प्रभारी निरीक्षक केसी भट्ट ने बताया कि सभी संबंधित युवकों को थाने बुलाकर कड़ी चेतावनी दी गई। साथ ही उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई भी की गई ताकि भविष्य में इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना मजाक दोबारा न दोहराए जाएं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार की भ्रामक या गलत जानकारी प्रसारित करने से पहले लोगों को उसके संभावित परिणामों के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए। यह अनोखा मामला शहरभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। जहां कुछ लोग इसे दोस्तों की मासूम शरारत बता रहे हैं, वहीं कई लोग इसे व्यक्तिगत छवि और निजता के साथ खिलवाड़ मान रहे हैं। पुलिस ने भी साफ संदेश दिया है कि मजाक और शरारत की एक सीमा होती है, जिसे पार करने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।