पंतनगर में भारी बवाल: अतिक्रमण हटाओ' नोटिस चिपकाने पहुंची टीम को विधायक बेहड़ ने मौके से खदेड़ा,भड़के लोग,कॉलोनियों में तनाव
पंतनगर। ऊधम सिंह नगर जिले के पंतनगर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने गई प्रशासनिक टीम को गुरुवार को भारी जनविरोध और तीखे सियासी विरोध का सामना करना पड़ा। संजय कॉलोनी और मस्जिद कॉलोनी में जैसे ही टीम बेदखली का नोटिस चस्पा करने पहुंची, स्थानीय निवासी सड़कों पर उतर आए। इसी बीच सूचना मिलते ही किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ भी लाव-लश्कर के साथ मौके पर पहुंच गए। विधायक ने न सिर्फ प्रशासन की इस कार्रवाई का कड़ा प्रतिवाद किया, बल्कि आक्रोशित भीड़ के साथ मिलकर नोटिस लगाने आई टीम को मौके से पीछे हटने पर मजबूर कर दिया और वहां से खदेड़ दिया। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल की मौजूदगी में दोनों कॉलोनियों में अवैध रूप से चिन्हित ढांचों पर कानूनी नोटिस चस्पा करने पहुंची थी। टीम का इरादा लोगों को तय समय सीमा के भीतर जगह खाली करने की चेतावनी देना था। लेकिन, जैसे ही कर्मचारियों ने दीवारों पर नोटिस चिपकाना शुरू किया, कॉलोनियों में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की भारी भीड़ ने प्रशासनिक अमले को चारों तरफ से घेर लिया। स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई को सरासर अन्याय और गरीब जनता का उत्पीड़न करार दिया। लोगों का कहना था कि वे दशकों से यहाँ रह रहे हैं और प्रशासन उन्हें राजनीतिक और प्रशासनिक कारणों से बेवजह परेशान कर रहा है। जब कॉलोनियों में तनाव चरम पर था, तभी किच्छा के विधायक तिलक राज बेहड़ समर्थकों के साथ मौके पर धमक पड़े। विधायक की मौजूदगी ने प्रदर्शनकारियों के हौसले और बुलंद कर दिए। विधायक बेहड़ ने सीधे प्रशासनिक अधिकारियों से तीखे सवाल किए और बिना किसी ठोस पुनर्वास नीति के इस तरह नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई को तानाशाही बताया। विधायक और स्थानीय जनता के भारी आक्रोश और नारेबाजी के आगे आखिरकार प्रशासनिक टीम बैकफुट पर आ गई। विधायक ने कड़ा रुख अपनाते हुए टीम को वहां से बैरंग लौटने पर मजबूर कर दिया। टीम को अपनी फाइलें समेटकर मौके से रवाना होना पड़ा, जिसके बाद ही प्रदर्शनकारी शांत हुए। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को मुक्त कराने के अदालती और विभागीय आदेशों के तहत की जा रही थी। नियमानुसार किसी भी ध्वस्तीकरण से पहले जनता को सूचित करने के लिए नोटिस देना अनिवार्य प्रक्रिया है। लेकिन अब, स्थानीय विधायक के सीधे हस्तक्षेप और जनता के उग्र तेवरों ने इस प्रशासनिक अभियान को पूरी तरह से सियासी रंग दे दिया है। विधायक तिलक राज बेहड़ के इस कदम से जहां एक ओर स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन के लिए अब इन कॉलोनियों में दोबारा कार्रवाई करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। आने वाले दिनों में यह टकराव और बढ़ सकता है।