नैनीताल होगा हाईटेक!Traffic Eye रखेगा हर गाड़ी पर नजर,पार्किंग कितनी भरी कितनी खाली से लेकर कहां कहां पर ट्रैफिक,सब होगा LIVE

Nainital Goes High-Tech! 'Traffic Eye' to Keep a Watch on Every Vehicle; Everything from Parking to Traffic Will Be LIVE.

 

पर्यटन सीजन से पहले नैनीताल में ट्रैफिक प्रबंधन को हाईटेक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब शहर में ‘Traffic Eye’ डिवाइस के जरिए पार्किंग और वाहनों की आवाजाही पर रियल टाइम नजर रखी जाएगी। यह जानकारी आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने दी।
आईजी के अनुसार, ‘Traffic Eye’ एक उन्नत तकनीकी डिवाइस है, जो शहर की सभी पार्किंग स्थलों की वास्तविक स्थिति—यानी कितनी पार्किंग भरी हुई है और कितनी खाली है की सटीक जानकारी रियल टाइम में उपलब्ध कराएगा। इससे पुलिस अधिकारी कंट्रोल रूम से ही पूरे शहर की पार्किंग व्यवस्था को मॉनिटर कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि इस डिवाइस को प्रमुख मार्गों पर लगाने से यह भी पता चल सकेगा कि कितने वाहन सड़कों पर चल रहे हैं और ट्रैफिक का दबाव किस दिशा में बढ़ रहा है। इससे ट्रैफिक को समय रहते नियंत्रित करने, डायवर्ट करने और जरूरत पड़ने पर रोकने जैसे निर्णय तुरंत लिए जा सकेंगे।
आईजी ने कहा कि अभी तक ट्रैफिक से जुड़े फैसले अधिकतर मैन्युअल आधार पर लिए जाते थे, लेकिन इस तकनीकी हस्तक्षेप से पुलिस को रियल टाइम डेटा मिलेगा, जिससे सही समय पर सटीक निर्णय लेना आसान होगा। इससे जाम की समस्या को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी।
यह डिवाइस उत्तराखंड पुलिस और आईआईटी रुड़की के संयुक्त प्रयास से विकसित किया गया है। इसका पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा है, जिसके तहत शहर की विभिन्न पार्किंग स्थलों पर इसे टेस्ट किया गया था। पायलट के दौरान मिली रियल टाइम जानकारी के आधार पर ट्रैफिक प्लान भी तैयार किए गए।
पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले इस प्रोजेक्ट को पूरी तरह लागू करने की तैयारी है। इसके लिए एडिशनल एसपी वायरलेस की अध्यक्षता में एक टीम गठित की गई, जिसने शहर और आसपास के क्षेत्रों का सर्वे किया। सर्वे में करीब 70 ऐसे स्थान चिन्हित किए गए जहां नेटवर्क कनेक्टिविटी बेहतर है। इनमें से शुरुआती चरण में 32 स्थानों पर ‘Traffic Eye’ डिवाइस लगाए जाएंगे।
इस पहल के तहत नैनीताल शहर के साथ-साथ हल्द्वानी, काठगोदाम और कैंची धाम की ओर जाने वाले मार्गों को भी कवर करने की योजना है, ताकि पूरे क्षेत्र में ट्रैफिक को स्मार्ट तरीके से मैनेज किया जा सके।