रहस्यमयी मौतेंः बिरयानी और तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत! फूड पॉइजनिंग या कुछ और? जानें डॉक्टरों ने क्या कहा?

Mysterious deaths: Four members of the same family die after eating biryani and watermelon! Was it food poisoning or something else? Find out what the doctors said.

नई दिल्ली। मुंबई के पायधुनी इलाके से एक बेहद चौंकाने वाली और दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था और खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक ही परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शुरुआती तौर पर मामला फूड पॉइजनिंग का माना जा रहा है, लेकिन डॉक्टरों और जांच एजेंसियों का कहना है कि इसके पीछे कोई और गंभीर कारण भी हो सकता है। जानकारी के मुताबिक यह घटना शनिवार रात की है, जब पायधुनी इलाके में रहने वाले अब्दुल्लाह और उनके परिवार ने कुछ रिश्तेदारों के साथ बिरयानी की दावत की थी। रात करीब 10ः30 बजे तक सभी ने साथ बैठकर खाना खाया। इसके बाद रिश्तेदार अपने-अपने घर लौट गए। देर रात करीब 1ः30 बजे परिवार के सदस्यों ने तरबूज खाया। रविवार तड़के करीब 5 बजे अचानक पूरे परिवार की तबीयत बिगड़ने लगी। सभी को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी, जिससे घर में अफरा-तफरी मच गई। हालत तेजी से खराब होते देख पड़ोस के डॉक्टर जियाद कुरैशी को बुलाया गया, जिन्होंने प्राथमिक जांच के बाद तुरंत सभी को जेजे अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल पहुंचने के बाद हालात और गंभीर हो गए। सबसे पहले छोटी बेटी जैनब की मौत हो गई।

इसके बाद मां नसरीन और बड़ी बेटी आयशा ने भी दम तोड़ दिया। पिता अब्दुल्लाह की मौत रविवार रात को हो गई। इस तरह एक ही दिन में पूरा परिवार खत्म हो गया, जिससे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है। डॉक्टरों के अनुसार सभी मरीजों में गंभीर फूड पॉइजनिंग के लक्षण पाए गए हैं। खासतौर पर किडनी से जुड़ी गंभीर समस्याएं सामने आई हैं। हालांकि डॉक्टरों ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल तरबूज खाने से इतनी गंभीर स्थिति पैदा होना असामान्य है। उनका मानना है कि इसके पीछे कोई अन्य कारण जैसे किसी प्रकार की मिलावट, विषाक्त पदार्थ या बैक्टीरियल संक्रमण भी हो सकता है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और संबंधित विभागों ने जांच तेज कर दी है। जेजे मार्ग पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया गया है। वहीं आधा खाया हुआ तरबूज और अन्य खाद्य सामग्री को जांच के लिए लैब में भेजा गया है। मुंबई पुलिस के डिप्टी कमिश्नर प्रवीण मुंडे के अनुसार फॉरेंसिक टीम और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन विभाग मिलकर इस मामले की जांच कर रहे हैं। जेजे अस्पताल के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में बैक्टीरिया और संभावित संक्रमण की गहन जांच की जा रही है। इसके अलावा पोस्टमॉर्टम और हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मौत के असली कारणों का खुलासा हो सके। फिलहाल यह घटना कई सवाल छोड़ गई है, क्या यह सामान्य फूड पॉइजनिंग का मामला है या इसके पीछे लापरवाही छिपी है?