UP STF का बड़ा एक्शनः SSC परीक्षा में 4 लाख लेकर पास कराने वाला हाईटेक गैंग बेनकाब, मास्टरमाइंड समेत 7 दबोचे
लखनऊ। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने स्टाफ सिलेक्शन कमीशन की ऑनलाइन भर्ती परीक्षाओं में धांधली करने वाले एक बड़े हाईटेक गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसटीएफ ने ग्रेटर नोएडा के एक परीक्षा केंद्र पर छापेमारी कर इस रैकेट के कथित मास्टरमाइंड समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मौके से करीब 50 लाख रुपये नकद, लैपटॉप, मोबाइल फोन और परीक्षा से जुड़े कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं। एसटीएफ के मुताबिक यह गिरोह केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल), सचिवालय सुरक्षा बल (SSF) और असम राइफल्स की भर्ती परीक्षा-2026 में धांधली कर रहा था। आरोप है कि यह गैंग अभ्यर्थियों से करीब चार लाख रुपये लेकर परीक्षा पास कराने की गारंटी देता था। परीक्षा के दौरान आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर उम्मीदवारों तक रियल टाइम में सही उत्तर पहुंचाए जाते थे।
एसटीएफ को लंबे समय से एसएससी की ऑनलाइन परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद टीम ने गुप्त जांच शुरू की। जांच के दौरान सुराग ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित बालाजी डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र तक पहुंचे। 22 मई को एसटीएफ ने यहां छापा मारकर प्रदीप चौहान, अरुण कुमार, संदीप भाटी, निशांत राघव, अमित राणा, शाकिर मलिक और विवेक कुमार को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सीधे एसएससी के मुख्य सर्वर को हैक नहीं किया था। इसके बजाय परीक्षा केंद्र पर कंपनी के अधिकृत सर्वर को बायपास कर एक प्रॉक्सी सर्वर स्थापित किया गया था। स्क्रीन शेयरिंग एप्लिकेशन की मदद से प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्र से बाहर बैठे सॉल्वरों तक पहुंचाए जाते थे। बाहर मौजूद विशेषज्ञ सवाल हल कर तुरंत सही जवाब वापस परीक्षा दे रहे उम्मीदवारों तक पहुंचाते थे। एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड प्रदीप चौहान है, जो लंबे समय से इस नेटवर्क को संचालित कर रहा था। उसने एक निजी कंपनी के जरिए वही परीक्षा केंद्र स्थापित किया था, जहां एसएससी की ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित होती थीं।
तकनीकी संचालन की जिम्मेदारी अरुण कुमार संभाल रहा था, जिसने प्रॉक्सी सर्वर सिस्टम की स्थापना और संचालन किया। छापेमारी के दौरान एसटीएफ ने करीब 50 लाख रुपये नकद, कई लैपटॉप, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अभ्यर्थियों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं। बरामद सामग्री से इस रैकेट के बड़े नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब देशभर में भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में कथित नीट-यूजी पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक बहस छिड़ी हुई है। ऐसे में एसटीएफ की यह कार्रवाई भर्ती परीक्षा तंत्र की कमजोरियों को उजागर करती है। एसटीएफ अब इस रैकेट के व्यापक नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों को आशंका है कि इसमें तकनीकी विशेषज्ञों, बिचौलियों और लाभ उठाने वाले अभ्यर्थियों की बड़ी भूमिका हो सकती है। यह भी शक जताया जा रहा है कि इसी तरह की तकनीक का इस्तेमाल अन्य भर्ती परीक्षाओं में भी किया गया हो सकता है।