देश में मौसम का बड़ा उलटफेर: मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी का कहर! हिमालयी राज्यों में बारिश-तूफान का अलर्ट, उत्तराखंड-हिमाचल-जम्मू कश्मीर में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय! पहाड़ों पर खतरे की घंटी

A major weather change across the country: Severe heatwaves wreak havoc in the plains! Rain and storm alerts have been issued for the Himalayan states, while a Western Disturbance has activated in Ut

नई दिल्ली। देशभर में मौसम ने एक साथ कई रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। जहां उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के बड़े हिस्से इन दिनों भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं, वहीं हिमालयी राज्यों में मौसम ने करवट ले ली है। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लिए बारिश, तेज आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। उधर दक्षिण भारत में भी मौसम तेजी से बदल रहा है। अरब सागर और दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्र में बादलों की सक्रियता तेज हो गई है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि इस बार मानसून तय समय से पहले केरल में दस्तक दे सकता है। मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि सामान्यतः 1 जून को आने वाला मानसून इस बार 26 मई के आसपास ही केरल पहुंच सकता है, जो मौसम विज्ञान के लिहाज से एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।

उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय, पहाड़ों पर खतरे की घंटी
मौसम विभाग और INSAT-3DS सैटेलाइट से प्राप्त तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है कि उत्तर भारत के ऊपरी हिस्सों में एक शक्तिशाली वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हो गया है। इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपर घने बादलों का विशाल घुमावदार चक्र बन गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, ठंडे और नमी से भरे ये बादल जब उत्तर भारत की तपती गर्म हवाओं से टकरा रहे हैं तो मौसम अचानक अस्थिर हो रहा है। इसके चलते पहाड़ी राज्यों में तेज बारिश, गरज-चमक, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। उत्तराखंड और हिमाचल के कई संवेदनशील इलाकों में प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक मौसम खराब होने की आशंका को देखते हुए पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मैदानी इलाकों में गर्मी का प्रचंड प्रहार
एक ओर पहाड़ों पर बारिश और ठंडी हवाओं का असर दिखाई दे रहा है, वहीं राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई हिस्से अब भी हीटवेव की गिरफ्त में हैं। दिन का तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर दर्ज किया जा रहा है। कई शहरों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। गर्म और शुष्क हवाओं ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आ रही हैं और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को दोपहर में बाहर न निकलने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है। अस्पतालों में लू और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।

दक्षिण भारत में मानसून की दस्तक के संकेत
दक्षिण भारत के मौसम में भी तेजी से बदलाव दर्ज किया जा रहा है। अरब सागर और लक्षद्वीप के आसपास गहरे बादलों का घना जमाव देखा गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह स्थिति मानसून की सक्रियता का स्पष्ट संकेत है। अगर मौजूदा परिस्थितियां बनी रहती हैं तो मानसून इस बार तय तारीख से लगभग 5 दिन पहले केरल पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने 28 मई से 3 जून के बीच केरल के कई जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। केरल के तटीय इलाकों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने संभावित बाढ़ और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए तैयारी शुरू कर दी है।

सैटेलाइट तस्वीरें दे रहीं मौसम बदलाव का बड़ा संकेत
INSAT-3DS की ताजा सैटेलाइट तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि जहां मध्य भारत गर्म और सूखी हवाओं की गिरफ्त में है, वहीं हिमालयी क्षेत्र और अरब सागर के ऊपर बादलों की एक विशाल ढाल तेजी से तैयार हो रही है। मौसम वैज्ञानिक इसे भारत में मौसम के बड़े संक्रमण काल का संकेत मान रहे हैं। यह वह दौर है जब देश भीषण गर्मी के चरम से निकलकर धीरे-धीरे मानसून की ओर बढ़ता है।