उत्तराखंड में शिक्षा का अधिकार के तहत निर्धारित हुईं 34 हजार से ज्यादा सीटें! अभिभावक जल्द करें आवेदन
शिक्षा का अधिकार यानी आरटीई अधिनियम का मकसद बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार देना है। ये अधिनियम अगस्त 2009 में संसद द्वारा पारित किया गया था। आरटीई के तहत राज्य 6 से 14 वर्ष के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा प्रदान की जाती है। उत्तराखंड में इस साल 3985 प्राइवेट स्कूलों में 34230 सीटें शिक्षा के अधिकार के तहत निर्धारित की गई हैं।
शिक्षा के अधिकार के तहत यदि आप अपने बच्चे को निजी विद्यालय में प्रवेश दिलाना चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए ही है। दरअसल शिक्षा के अधिकार के तहत अब जल्द ही अभिभावकों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। ऐसे में ऑनलाइन आवेदन करने से पहले अभिभावकों को योजना से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें जानना बेहद जरूरी है।शिक्षा का अधिकार जिसे शार्ट में आरटीई के नाम से जाना जाता है ये गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा के समान अधिकार का मौका देता है. इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा गाइडलाइन भी तय की गई है। हर साल की तरह इस बार भी शिक्षा के अधिकार के तहत आवेदन प्रक्रिया को शुरू किया जा रहा है। इसके लिए कुछ खास बातें हैं जिन्हें अभिभावकों को ध्यान में रखना होगा। यदि आप अपने बच्चों का एडमिशन प्री प्राइमरी कक्षा में करवाना चाहते हैं तो उसकी न्यूनतम आयु 31 मार्च 2024 तक 3 साल होनी चाहिए। अभिभावक 1 अप्रैल से 21 अप्रैल 2024 तक राइट टू एजुकेशन की वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन करते समय बच्चों से जुड़े कुछ दस्तावेज अनिवार्य रूप से आपको अटैच करने होंगे। इन दस्तावेजों में परिवार के मुखिया का आय प्रमाण पत्र, स्थाई निवास प्रमाण पत्र, बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र शामिल हैं। यदि आप अपने बच्चे को कक्षा एक में प्रवेश दिलाना चाहते हैं तो इस स्थिति में बच्चे की न्यूनतम आयु 31 मार्च 2024 को 6 साल पूरी होनी चाहिए। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें की मांगे गए सभी दस्तावेज अनिवार्य रूप से ऑनलाइन उपलब्ध कराने होंगे। अभिभावक ऑनलाइन आवेदन करने के लिए www.rteonline.uk.gov.in वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन आवेदन करने के बाद आवेदन पत्र की एक कॉपी खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भी जमा करनी होगी।