MP में जबरदस्त प्रदर्शनः भोपाल में दाखिल हुए किसान! मुख्यमंत्री निवास घेराव के ऐलान ने बढ़ाई टेंशन, चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा
भोपाल। मध्य प्रदेश में मूंग की पूरी उपज समर्थन मूल्य पर खरीदने समेत किसानों की आठ सूत्रीय मांगों को लेकर शुरू हुआ आंदोलन मंगलवार को और तेज हो गया। संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में नर्मदापुरम से भोपाल के लिए निकली किसानों की पदयात्रा प्रशासन की रोक-टोक के बावजूद राजधानी में दाखिल हो गई। किसानों ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। किसानों का कहना है कि वे अपने जरूरी काम छोड़कर मजबूरी में भोपाल पहुंचे हैं। सरकार की ओर से कृषि कल्याण वर्ष मनाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद किसान अपनी उपज और अन्य समस्याओं को लेकर परेशान हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि उनकी मांगों पर सरकार की ओर से अपेक्षित मदद नहीं मिल रही है। बताया गया कि किसानों ने दोपहर के समय अब्दुल्लागंज से भोपाल की ओर बढ़ना शुरू किया। प्रशासन ने उन्हें 11 मील के पास रोकने का प्रयास किया, लेकिन किसान बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ते रहे। किसानों के भोपाल पहुंचने के बाद प्रशासन और पुलिस के सामने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई है। किसानों के आंदोलन और पदयात्रा के चलते होशंगाबाद रोड पर यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। करीब पांच किलोमीटर लंबा जाम लगने से कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। जाम में एंबुलेंस के फंसने की भी सूचना सामने आई। यातायात को नियंत्रित करने के लिए कटारा हिल्स रोड की ओर वाहनों को डायवर्ट किया गया। वहीं, किसानों के संभावित प्रदर्शन को देखते हुए सावरकर सेतु के पास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत सड़क के बीच बसें खड़ी की गई हैं। पुलिस कमिश्नर स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। इसके अलावा एसपी स्तर के अधिकारियों समेत करीब 20 थानों के थाना प्रभारी भी मौके पर तैनात हैं। किसानों के भोपाल कूच के बीच प्रशासन की नजर अब आगे की रणनीति और आंदोलन के अगले चरण पर बनी हुई है।