Sep 21, 2026 Login

उत्तराखण्डः ज्योलीकोट दूषित पेयजल मामले में सरकार का बड़ा एक्शन! जल संस्थान-पेयजल निगम के 6 अधिकारी निलंबित, अधीक्षण अभियंता समेत कई पर गिरी गाज

Uttarakhand: Government takes major action in the Jollikot contaminated drinking water case! Six officials from the Jal Sansthan and the Drinking Water Corporation have been suspended; the axe has fa

नैनीताल। ज्योलीकोट व आसपास के इलाकों में दूषित पानी से जल जनित रोग फैलने के मामले में अब सरकार ने जल संस्थान व पेयजल निगम के अधिकारियों केे खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। मामले में उत्तराखंड जल संस्थान हल्द्वानी के प्रभारी अधीक्षण अभियंता विशाल कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन की अवधि में उन्हें मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय देहरादून में संबद्ध किया गया है, जबकि उनके स्थान पर नंद किशोर को अधीक्षण अभियंता का दायित्व दिया गया है। इसके अलावा घोर लापरवाही बरतने पर उत्तराखंड जल संस्थान के सहायक अभियंता नैनीताल मोहन सिंह रावत, अपर सहायक अभियंता रविंद्र, कनिष्ठ अभियंता दीपांशु शर्मा, प्रभारी सहायक अभियंता संजय कुमार आर्या और पेयजल निर्माण शाखा पेयजल निगम भीमताल के प्रभारी अधिशासी अभियंता शशिपाल सिंह को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जबकि जल संस्थान नैनीताल के अधिशासी अभियंता अनीश एम पिल्लई को भविष्य के लिए कठोर चेतावनी जारी की गई है। बता दें कि पिछले दिनों ज्योलीकोट और इसके आसपास के क्षेत्रों में दूषित पेयजल का सेवन से दो लोगों की मौत हो गई थी और चार सौ से अधिक लोग पीलिया और डायरिया के शिकार हो गए थे। जिनका हल्द्वानी के बेस और सुशीला तिवारी अस्पताल में इलाज किया गया। अब भी इन अस्पतालों में पीलिया और डायरिया के कई मरीज भर्ती हैं। इसके अलावा कई लोगों ने बीमार पड़ने के बाद निजी अस्पतालों की शरण ली थी। शासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उक्त अधिकारियों का जवाब तलब किया था। अधिकारियों की ओर से शासन को इस प्रकरण में संतोषजनक जबाव भी नहीं मिला था।