Oct 14, 2026 Login
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एक्शनः तीन बार टाइपिंग टेस्ट में फेल हुआ क्लर्क तो DM ने किया डिमोट! बनाया चपरासी, जानें क्या है पूरा मामला?

Action: Clerk demoted to peon by DM after failing typing test three times; here are the details of the case.

बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। मीरगंज तहसील में तैनात कनिष्ठ सहायक रेहान खान को हिंदी टंकण परीक्षा में लगातार तीन बार असफल रहने के बाद कनिष्ठ सहायक के पद से हटाकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर डिमोट कर दिया गया है। यह कार्रवाई शासनादेश में निर्धारित नियमों के तहत की गई है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह के आदेश पर 16 सितंबर 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया गया। रेहान खान की नियुक्ति 5 जुलाई 2021 को मृतक आश्रित कोटे के तहत हुई थी। नियुक्ति के बाद नियमानुसार उनके लिए हिंदी टंकण परीक्षा पास करना अनिवार्य था। इसके लिए उन्हें निर्धारित मानकों के अनुसार टाइपिंग दक्षता हासिल करनी थी, लेकिन तीन अवसर मिलने के बावजूद वह परीक्षा में सफल नहीं हो सके। प्रशासन के मुताबिक रेहान खान का पहला हिंदी टंकण टेस्ट 25 सितंबर 2023 को हुआ था। इसमें वह निर्धारित मानक हासिल नहीं कर सके। इसके बाद उन्हें दूसरा मौका 21 जून 2024 को दिया गया, लेकिन दूसरी बार भी वह परीक्षा में असफल रहे। नियमों के तहत उन्हें तीसरा और अंतिम अवसर 8 सितंबर 2026 को दिया गया। प्रशासन की ओर से मिले इस अंतिम मौके में भी रेहान खान निर्धारित टाइपिंग मानक पूरा करने में असफल रहे। इसके बाद शासनादेश में निर्धारित प्रक्रिया के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की गई और 16 सितंबर को उन्हें कनिष्ठ सहायक के पद से हटाकर चतुर्थ श्रेणी पद पर डिमोट करने का आदेश जारी कर दिया गया। प्रशासन ने टंकण परीक्षा में असफल रहे अन्य मृतक आश्रित कर्मचारियों के मामले में तत्काल पदावनति के बजाय उन्हें सुधार का अवसर दिया है। राहुल कुमार और लक्ष्मी सक्सेना को हिंदी टंकण परीक्षा में तीसरा और अंतिम मौका दिया गया है। वहीं कंचित चौधरी और नेहा जोशी को दूसरा अवसर प्रदान किया गया है। इन कर्मचारियों को कंप्यूटर टाइपिंग का अभ्यास करने और निर्धारित मानक हासिल करने के लिए दो महीने का समय दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि में यदि कर्मचारी अपनी टाइपिंग दक्षता में सुधार नहीं कर पाते हैं तो नियमानुसार उनके खिलाफ भी आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।

अमीन का पैसा निजी खाते में डालने वाले कर्मचारी की सेवा समाप्त
इसी बीच बरेली प्रशासन ने एक अन्य मामले में भी कड़ा कदम उठाया है। फरीदपुर में पदस्थ रहे कर्मचारी अंशुल वर्मा को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। उस पर अमीन से संबंधित धनराशि अपने व्यक्तिगत बैंक खाते में डालकर गबन करने का आरोप था। प्रशासन के अनुसार वर्ष 2015-16 में भी अंशुल वर्मा के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे सेवा से बर्खास्त किया गया था। बाद में न्यायालय के आदेश के क्रम में एडीएम सिटी की अध्यक्षता में गठित जांच कमेटी ने मामले की दोबारा जांच की और आरोप पत्र तैयार किया। जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाने के बाद पहले जारी बर्खास्तगी आदेश को दोबारा प्रभावी कर दिया गया।