उत्तराखण्डः जेल अधीक्षक को लॉरेंस बिश्नोई के नाम से धमकी देने वाला गिरफ्तार! जेल में बंद कथित पत्नी ने रची थी साजिश
हरिद्वार। रोशनाबाद स्थित जिला कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम से जान से मारने की धमकी देने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। सिडकुल पुलिस ने धमकी देने के आरोप में हिमांशु चोढा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से 315 बोर का अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी का लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कोई संबंध नहीं है। उसने जेल में बंद अपनी कथित पत्नी से मुलाकात के दौरान हुई पूछताछ से नाराज होकर धमकी भरे संदेश भेजे थे। हरिद्वार एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने पुलिस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 11 सितंबर को जिला कारागार रोशनाबाद के वरिष्ठ अधीक्षक मनोज कुमार आर्या ने सिडकुल पुलिस को तहरीर दी थी। शिकायत में बताया गया था कि उनके मोबाइल फोन पर अभद्र और धमकी भरे संदेश भेजे गए हैं। इन संदेशों में लॉरेंस बिश्नोई के नाम से जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिडकुल थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। थाना प्रभारी अजय शाह के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर आरोपी की तलाश शुरू की गई। धमकी में लॉरेंस बिश्नोई का नाम इस्तेमाल किए जाने के कारण पुलिस ने मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच शुरू की। सोमवार को सिडकुल क्षेत्र के सूर्य नगर के पास चेकिंग के दौरान पुलिस ने हिमांशु चोढा को पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी मूल रूप से लुधियाना, पंजाब का रहने वाला है और वर्तमान में आईडीपीएल, देहरादून में रह रहा था। तलाशी के दौरान उसके पास से 315 बोर का अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन बरामद हुआ। इसके बाद दर्ज मुकदमे में आर्म्स एक्ट की संबंधित धारा भी जोड़ी गई। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि जेल में बंद एक महिला को वह अपनी दूसरी पत्नी बताता है।
महिला देह व्यापार से जुड़े एक मामले में जिला कारागार में बंद है। आरोपी के अनुसार, महिला से मुलाकात के दौरान जेल स्टाफ ने उससे पूछताछ की थी, जिससे वह नाराज हो गया था। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बताया कि जेल में बंद महिला ने ही उसे जेल अधीक्षक को लॉरेंस बिश्नोई के नाम से धमकी देने के लिए उकसाया था। महिला ने कथित तौर पर उसे जेल अधीक्षक का मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया। इसके बाद आरोपी लुधियाना गया और अपने आधार कार्ड पर लिए गए नए मोबाइल नंबर से जेल अधीक्षक के मोबाइल पर धमकी भरे संदेश भेजे। बाद में सोशल मीडिया के माध्यम से आरोपी को अपने खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार इसके बाद वह पहले से अपने पास रखे तमंचे और कारतूस के साथ लुधियाना से हरिद्वार पहुंचा था। पुलिस का कहना है कि आरोपी जेल अधीक्षक को डराने के इरादे से जिला कारागार की ओर जा रहा था। इसी दौरान सिडकुल क्षेत्र में चेकिंग के दौरान पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से हथियार बरामद होने के बाद पुलिस ने मामले को और गंभीरता से लेते हुए जांच आगे बढ़ाई। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने स्पष्ट किया कि अब तक की जांच में आरोपी का गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई या उसके गिरोह से कोई संबंध सामने नहीं आया है। पुलिस धमकी में इस्तेमाल किए गए नाम और पूरे घटनाक्रम के पीछे की परिस्थितियों की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ देहरादून के रायवाला थाने में मानव तस्करी समेत अन्य गंभीर धाराओं में भी मुकदमा दर्ज है। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी नशे का आदी है और अपनी पहली पत्नी व परिवार से अलग रहकर इधर-उधर घूमता रहता है।