लखनऊ के अलीगंज में कोचिंग संस्थान में भीषण आग: जान बचाने के लिए तीसरी मंजिल से कूदे छात्र, कई झुलसे, कई के फंसे होने की आशंका

Massive fire at a coaching institute in Lucknow's Aliganj: Students jumped from the third floor to save their lives; many suffered burns, and several are feared trapped.

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके अलीगंज में सोमवार दोपहर एक कोचिंग संस्थान में अचानक भीषण आग लग गई। हादसे के वक्त कोचिंग में 30 से अधिक छात्र-छात्राएं मौजूद थे। आग इतनी भयावह थी कि पल भर में पूरी बिल्डिंग धुएं के गुबार और लपटों से घिर गई। बाहर निकलने का कोई रास्ता न देख, अपनी जान बचाने के लिए कई मासूम छात्र तीसरी मंजिल की खिड़कियों और छतों से नीचे कूद गए। इस दिल दहला देने वाली घटना में कई छात्र गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जबकि कुछ छात्रों के अभी भी बिल्डिंग के भीतर फंसे होने की कशमकश जारी है। घटना के बाद से इलाके में कोहराम मचा हुआ है।

चश्मदीदों के मुताबिक, अलीगंज स्थित एक पेट शॉप के ऊपर बने कोचिंग संस्थान की तीसरी मंजिल पर सोमवार दोपहर अचानक आग की लपटें दिखाई दीं। जब तक बच्चे कुछ समझ पाते, आग ने पूरी कोचिंग को अपनी चपेट में ले लिया। चारों तरफ धुआं भरने से बच्चों का दम घुटने लगा और चीख-पुकार मच गई। मौत को सामने देख बच्चों ने खिड़कियों का रुख किया। बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता न मिलने पर छात्र बगल से गुजर रहे बिजली और केबल के तारों के सहारे लटककर नीचे कूदने लगे। इस अफरातफरी में एक छात्रा समेत दो छात्र ऊंचाई से गिरने के कारण गंभीर रूप से चोटिल हो गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना की तुरंत सूचना दिए जाने के बावजूद फायर ब्रिगेड की गाड़ियां करीब आधे घंटे की देरी से मौके पर पहुंचीं। तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। हालांकि, मौके पर पहुंचने के बाद दमकल कर्मी मुस्तैदी से आग बुझाने और फंसे हुए बच्चों को बाहर निकालने के रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गए हैं। आग की भयावहता इतनी ज्यादा है कि कई घंटों की मशक्कत के बाद भी लपटों पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है। लखनऊ के अलीगंज में हुई इस दर्दनाक घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तुरंत इसका संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने शासन और प्रशासन के आला अधिकारियों को तत्काल युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासनिक और दमकल अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचकर फंसे हुए बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालें। आपदा प्रबंधन और राहत कार्य में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही, हादसे में घायल और झुलसे हुए सभी छात्रों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराकर उनके समुचित और मुफ्त इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस हादसे ने एक बार फिर राजधानी में व्यावसायिक और कोचिंग सोसाइटियों में चल रहे सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल कर रख दी है। रिहायशी और भीड़भाड़ वाले इलाकों में बिना पुख्ता 'फायर एग्जिट' (आपातकालीन निकास) के चल रहे इन संस्थानों के खिलाफ स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। फिलहाल प्राथमिकता अंदर फंसे बच्चों को सुरक्षित निकालने की है, जिसके बाद प्रशासन मामले की जांच शुरू करेगा।