उत्तराखण्डः हरिद्वार में दो दिन के अंदर दो बड़े हादसे! निर्माणाधीन फ्लाईओवर के नीचे लोहे का गार्डर खिसकने से दो कांवड़ियों की मौत, गंगाजल लेकर लौटते समय हुआ हादसा

Uttarakhand: Two major accidents in Haridwar within two days! Two Kanwariyas died after an iron girder slipped beneath an under-construction flyover; the accident occurred while they were returning w

हरिद्वार। कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार में एक और दर्दनाक हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। बहादराबाद थाना क्षेत्र के बड़ेड़ी राजपूतान गांव में शनिवार को निर्माणाधीन फ्लाईओवर के नीचे रखे लोहे के भारी गार्डर के अचानक खिसक जाने से दो कांवड़ियों की मौके पर मौत हो गई। दोनों श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर लौट रहे थे और रास्ते में कुछ देर विश्राम करने के लिए निर्माणाधीन फ्लाईओवर के नीचे बैठे थे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद कांवड़ियों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 2ः20 बजे ग्राम बड़ेड़ी राजपूतान स्थित निर्माणाधीन फ्लाईओवर के नीचे लोहे के भारी गार्डर रखे हुए थे। इसी दौरान वहां विश्राम कर रहे कांवड़ियों में से एक युवक गार्डर के ऊपर चढ़ गया। उसके चढ़ते ही गार्डर का संतुलन बिगड़ गया और वह अचानक नीचे बैठे कांवड़ियों पर आ गिरा। हादसे में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें मलबे और गार्डर के नीचे से बाहर निकालकर उपचार के लिए उप जिला चिकित्सालय रुड़की पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

मृतकों की पहचान 21 वर्षीय तनुज पुत्र महेश चंद्र, निवासी मुरादनगर (मेरठ) तथा 22 वर्षीय कृष्ण पुत्र मटरु, निवासी गाजियाबाद के रूप में हुई है। दोनों कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल भरकर अपने घर लौट रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही बहादराबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रुड़की के सरकारी अस्पताल भेज दिया तथा परिजनों को घटना की सूचना दे दी। बहादराबाद थाना प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि निर्माणाधीन फ्लाईओवर के नीचे रखा लोहे का भारी गार्डर एक कांवड़िए के ऊपर चढ़ने से असंतुलित होकर नीचे गिर गया। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। निर्माण कार्य से जुड़े सुरक्षा मानकों और संभावित लापरवाही की भी जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। गौरतलब है कि हरिद्वार में यह लगातार दूसरा बड़ा हादसा है। इससे एक दिन पहले ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में चार कांवड़ियों की डूबने से मौत हो गई थी। चारों युवक चंडीगढ़ के निवासी थे और गंगाजल लेने के दौरान नहाने के लिए नहर में उतरे थे। बताया गया कि एक युवक को डूबता देख अन्य साथी उसे बचाने के लिए पानी में कूद गए, लेकिन तेज बहाव में सभी डूब गए। इन चारों की उम्र 16 से 18 वर्ष के बीच थी। लगातार सामने आ रहे इन हादसों ने कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।