ये कैसा दुस्साहसः सत्यम पंडित की गुंडई! प्रोटेस्ट में जा रहे छात्रों को सरेआम पीटा, अभद्रता और मारपीट के बाद खुद सोशल मीडिया पर शेयर की वीडियो! अखिलेश यादव बोले- भरोसे का विलोम ही भाजपा

What sheer audacity—the thuggery of Satyam Pandit! He publicly beat up students who were heading to a protest, and after subjecting them to abuse and assault, he himself shared the video on social me

गाजियाबाद। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में जा रहे दो छात्रों के साथ मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में गाजियाबाद निवासी सत्यम पंडित छात्रों को रोककर उनके साथ अभद्रता और मारपीट करता दिखाई दे रहा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद आरोपित सत्यम पंडित के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति गाजियाबाद निवासी सत्यम पंडित है। सत्यम पंडित की फेसबुक प्रोफाइल पर वह खुद को ‘हिंदू वीर सेना’ नामक संगठन का अध्यक्ष बताता है। आरोप है कि उसने जंतर.मंतर पर छात्र आंदोलन में शामिल होने या उसके समर्थन में जा रहे दो छात्रों को रास्ते में रोक लिया। इसके बाद उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। इस घटना का वीडियो सत्यम पंडित ने अपने फेसबुक अकाउंट पर खुद ही अपलोड कर दिया। उसने वीडियो के साथ लिखा कि ‘जंतर-मंतर जाकर कुछ कॉकरोच का इलाज करा, जो कहते हैं करके दिखाते हैं’।

वीडियो वायरल होने के बाद जहां सियासत गरमा गई है, वहीं छात्रों में खासा आक्रोश देखने को मिल रहा है। ऐसे में लोग सवाल उठा रहे हैं कि सत्यम पंडित को इसकी इजाजत किसने दी? क्या सत्यम पंडित कानून से ऊपर हो गया। लोगों ने सत्यम पंडित के खिलाफ अबतक कार्यवाही न होने पर भी सवाल उठाए हैं। बता दें कि सत्यम पंडित पहले भी कई मामलों को लेकर चर्चा में रह चुका है। अगस्त 2024 में बांग्लादेशी और रोहिंग्या समुदाय पर भड़काऊ भाषण देने के आरोप में उसे गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद फरवरी 2026 में मंगलवार को मीट दुकानें बंद कराने के दौरान मीट विक्रेताओं से मारपीट के आरोप में भी गाजियाबाद पुलिस ने उस पर कार्रवाई की थी। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक्स पर वीडियो पोस्ट करते हुए आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘‘देशभर के आंदोलनकारियों के सूचनार्थ! भाजपा और उनके संगी-साथियों के दुर्व्यवहार, दुर्वचनों और हिंसा को सब देख लें। इनका दुस्साहस देखिए कि अभी युवाओं को वचन दिए हुए चंद घंटे भी नहीं हुए हैं और ये भाजपाई अपने इतिहास को दोहराते हुए फिर से धोखा दे रहे हैं। भाजपा के ये संस्कारी नेताजी अपने शीर्ष नेतृत्व के दिये गये आश्वासन की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं और वीडियो भी बना रहे हैं। अब क्या ये भी डबल इंजन की टकराहट के कारण हो रहा है। तुरंत गिरफ़्तारी हो! भाजपाई तो अपने वचन के भी सगे नहीं हैं। भरोसे का विलोम भाजपा!’’

कार में बैठे-बैठे छात्रों से मारपीट करता दिखा सत्यम पंडित
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि आरोपी सत्यम पंडित कार में बैठा हुआ है और छात्रों से बातचीत के दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार कर रहा है। वीडियो में वह छात्रों से उनका नाम पूछता है। इसके बाद धर्म से जुड़ा सवाल करते हुए अपशब्दों का इस्तेमाल करता है और फिर छात्रों के साथ मारपीट करता है। वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। यदि किसी प्रदर्शन या आंदोलन को लेकर किसी व्यक्ति को आपत्ति है तो वह लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से अपनी बात रख सकता है, लेकिन किसी छात्र को रोककर उसके साथ मारपीट करना कानून व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला है।