बड़ा हादसाः हिमाचल में चलती गाड़ी पर गिरी चट्टान! भूस्खलन ने छीनी 13 जिंदगियां, इलाके में पसरा मातम
नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। उदयपुर-किलाड़ मार्ग पर कडू नाला के पास अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा दरककर सड़क पर आ गिरा। इसी दौरान कुल्लू से पांगी की ओर जा रही एक टैक्सी भारी मलबे की चपेट में आ गई। देखते ही देखते टैक्सी मलबे के नीचे पूरी तरह दब गई। इस भीषण हादसे में 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में छह महीने की एक मासूम बच्ची भी शामिल है। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे भरमौर विधायक डॉ. जनक राज ने हादसे में 13 लोगों की मौत की पुष्टि की। जानकारी के अनुसार, टैक्सी में कुल 15 लोग सवार थे। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को सड़क मार्ग खुलने के बाद टैक्सी कुल्लू से पांगी के लिए रवाना हुई थी। वाहन जैसे ही उदयपुर-किलाड़ सड़क मार्ग पर कडू नाला के पास पहुंचा, उसी समय पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा अचानक टूट गया और भारी मलबा सीधे सड़क पर आ गिरा। मलबे की चपेट में आने से टैक्सी पूरी तरह दब गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि वाहन में सवार लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिल सका। बताया जा रहा है कि उदयपुर-किलाड़ मार्ग एक दिन पहले भूस्खलन के कारण बंद हो गया था। मार्ग बंद होने के चलते पांगी की ओर जाने वाले यात्री तिंदी क्षेत्र में रुके हुए थे। शुक्रवार को सड़क मार्ग खुलने के बाद यात्रियों ने आगे का सफर शुरू किया, लेकिन कुछ ही दूरी तय करने के बाद कडू नाला के पास यह भीषण हादसा हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, स्थानीय प्रशासन, एनडीआरएफ और अन्य बचाव दल की टीमें मौके पर पहुंचीं। जेसीबी और अन्य भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। बचाव दलों ने काफी मशक्कत के बाद मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। हालांकि, इनमें से अधिकांश को बचाया नहीं जा सका।
हादसे में 13 लोगों की मौत हुई, जबकि दो लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। भरमौर विधायक डॉ. जनक राज ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया। उन्होंने हादसे को बेहद दुखद बताते हुए मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। प्रशासन की ओर से भी हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जारी रखा गया। वहीं, हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं। लगातार बारिश के कारण पहाड़ों से मलबा और चट्टानें गिरने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। साथ ही संवेदनशील और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनों को खोने का दुख शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने अधिकारियों से संपर्क कर घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि उपायुक्त लाहौल-स्पीति को राहत और बचाव कार्य की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं और वह स्वयं घटनास्थल की ओर रवाना हो रही हैं।