आंबेडकर शोभायात्रा पर भारी बवाल: छतों से बरसे पत्थर, डेढ़ घंटे तक तांडव के बाद पुलिस का लाठीचार्ज

Major Uproar During Ambedkar Procession: Stones Rained Down from Rooftops; Police Resort to Lathi-Charge After 90 Minutes of Chaos.

उत्तरप्रदेश के कासगंज जिले का चहका गुनार गांव मंगलवार को उस वक्त रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर निकाली जा रही शोभायात्रा को रोकने के लिए एक जाति विशेष के अराजक तत्वों ने सुनियोजित तरीके से हमला कर दिया। डेढ़ घंटे तक चले पथराव, आंसू गैस के गोलों और पुलिसिया बल प्रयोग ने इलाके में दहशत फैला दी। प्रशासन की मुस्तैदी के बाद देर रात भारी पुलिस सुरक्षा के बीच शोभायात्रा को उसी रास्ते से निकाला गया।

मिली जानकारी के अनुसार, गांव चहका गुनार में दोपहर करीब 2:45 बजे प्रशासन की अनुमति से शोभायात्रा शुरू हुई थी। जैसे ही शोभायात्रा दोपहर 3:30 बजे एक विशेष गली में पहुंची, वहां पहले से ही ट्रैक्टर-ट्रॉली, थ्रेशर, हेरो और बुग्गी जैसे कृषि यंत्रों को आड़े-तिरछे खड़ा कर रास्ता पूरी तरह जाम कर दिया गया था। जब मौके पर मौजूद पुलिस बल ने नियमों का हवाला देकर वाहनों को हटाने का प्रयास किया, तो अचानक घरों की छतों से ईंट-पत्थरों की बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते पूरा माहौल बिगड़ गया। इस हमले में सहावर थाने के सिपाही अश्वनी मलिक घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। उपद्रवियों की तैयारी इतनी पुख्ता थी कि पुलिस के आला अधिकारियों-एएसपी सुशील कुमार और एडीएम दिग्विजय सिंह के समझाने के बावजूद पथराव नहीं थमा। अराजक तत्व छतों पर जमा किए गए पत्थरों को लगातार पुलिस और शोभायात्रा पर बरसाते रहे। शाम करीब 6:10 बजे, जब हालात बेकाबू होने लगे, तब पुलिस ने मोर्चा संभाला। आंसू गैस के गोले छोड़े गए और हल्का बल प्रयोग (लाठीचार्ज) कर उपद्रवियों को खदेड़ा गया। पुलिस की कार्रवाई शुरू होते ही कई उपद्रवी घर छोड़कर भाग निकले। पुलिस की प्रारंभिक जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। एसपी ओपी सिंह ने बताया कि यह कोई तात्कालिक विवाद नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। घरों की छतों पर भारी मात्रा में पत्थरों का पहले से मौजूद होना और रास्ते में वाहनों को जानबूझकर खड़ा करना यह दर्शाता है कि बवाल की तैयारी पहले से थी। हैरानी की बात यह है कि इस आयोजन को लेकर पहले ही 'पीस कमेटी' की बैठक हो चुकी थी और पिछले साल भी शोभायात्रा इसी मार्ग से शांतिपूर्ण ढंग से निकली थी। इसके बावजूद इस वर्ष माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई। देर रात डीएम प्रणय सिंह और एसपी ने गांव में पैदल गश्त कर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने अब तक 10 से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र के वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि छतों से पत्थर फेंकने वाले एक-एक उपद्रवी को चिह्नित कर उनके खिलाफ रासुका जैसी सख्त कार्रवाई की जा सके।