एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई: पार्किंग में खड़ी कार से हथियारों का जखीरा बरामद, 237 कारतूसों के साथ एजेंसियां अलर्ट

Major STF operation: Cache of weapons seized from a parked car; agencies on alert following recovery of 237 cartridges.

काशीपुर। उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर क्षेत्र में स्पेशल टास्क फोर्स ने एक बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई करते हुए हथियारों के एक बड़े जखीरे को बरामद किया है। एसटीएफ की टीम ने एक निजी कार पार्किंग में खड़ी संदिग्ध स्विफ्ट कार से चार घातक आधुनिक हथियार और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। शांत माने जाने वाले इस इलाके में इतनी बड़ी तादाद में हथियारों और 237 कारतूसों की बरामदगी से पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद तमाम सुरक्षा एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गए हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एसटीएफ को एक वाहन में भारी मात्रा में अवैध हथियार और गोला-बारूद होने की पुख्ता और गोपनीय सूचना मिली थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ निरीक्षक एमपी सिंह और अरुण कुमार के नेतृत्व में 10 सदस्यीय एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने बिना वक्त गंवाए योजनाबद्ध तरीके से काशीपुर की एक निजी कार पार्किंग में दबिश दी। वहां खड़ी संदिग्ध स्विफ्ट कार (संख्या UK18 P 5046) की जब बारीकी से तलाशी ली गई, तो अधिकारियों के होश उड़ गए। हथियारों के साथ ही कार से अलग-अलग बोर के कुल 237 जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं। इतनी बड़ी संख्या में गोला-बारूद का एक ही कार में मिलना किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता को दोगुना कर दिया है। प्रारंभिक जांच में अभी तक यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये हथियार वैध लाइसेंस वाले हैं या इन्हें अवैध रूप से तस्करी कर लाया गया था। एसटीएफ अब मामले के हर पहलू की गहराई से तफ्तीश कर रही है। सबसे पहला फोकस कार के मालिक की पहचान करने और उसके पुराने रिकॉर्ड को खंगालने पर है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि बरामद किए गए इन हथियारों का स्रोत क्या है, इन्हें कहां से लाया गया था और इतनी बड़ी खेप को पार्किंग में खड़ी कार में छिपाने का असली मकसद क्या था। पुलिस इस बात की भी आशंका जता रही है कि कहीं इस मामले के तार किसी बड़े अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोह, हथियारों के तस्करी नेटवर्क या किसी अप्रिय घटना को अंजाम देने की साजिश से तो नहीं जुड़े हैं। मामले की गंभीरता पर बात करते हुए एसटीएफ निरीक्षक एमपी सिंह ने बताया, "अभी जांच बिल्कुल शुरुआती चरण में है और वाहन के मालिक व उसके संपर्कों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जा रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का विस्तृत खुलासा किया जाएगा। देश और राज्य की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। काशीपुर में हुई एसटीएफ की इस मुस्तैद कार्रवाई को अवैध हथियारों के खिलाफ एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई रसूखदार नामों और बड़े नेटवर्क के खुलासे होने की पूरी संभावना है।