Gen Z के आगे बदला सरकार का डिजिटल गेम! PM मोदी का फोकस जेन जी के पसंदीदा सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर,मंत्रियों को दी सलाह युवा वर्ग इंस्टाग्राम पर है एक्टिव,वहां पर बढ़ाइए पहुंच,
जेन जी... वो पीढ़ी जिसने भारत के प्रधानमंत्री तक की सोशल मीडिया रणनीति बदलवा दी!
जेन जी अब सिर्फ एक पीढ़ी नहीं रही, बल्कि ऐसी डिजिटल ताकत बन चुकी है जिसने भारत के प्रधानमंत्री तक को अपनी भाषा और अपने पसंदीदा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आने के लिए मजबूर कर दिया। जी हां! यह वही जेनरेशन है जो न फेसबुक पर ज्यादा वक्त बिताती है और न ही X (पूर्व ट्विटर) पर। इसकी असली दुनिया इंस्टाग्राम है।
यहीं जन्म हुआ 'कॉकरोच जनता पार्टी' का। एक ऐसा इंस्टाग्राम पेज, जिसने देखते ही देखते 25 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स जुटा लिए। और यही वह प्लेटफॉर्म बना, जहां से NEET पेपर लीक आंदोलन ने डिजिटल चिंगारी से जन आंदोलन का रूप लिया। देखते ही देखते सोनम वांगचुक से लेकर विपक्ष के कई बड़े नेता इस आंदोलन के समर्थन में सड़कों पर उतर आए। आखिरकार 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ यह आंदोलन अपने निर्णायक पड़ाव पर पहुंच गया।

इस पूरे घटनाक्रम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी एक बड़ा राजनीतिक संदेश दे दिया। अगर जेन जी से संवाद करना है, तो उनकी डिजिटल दुनिया में जाना ही होगा। 75 वर्षीय प्रधानमंत्री अब इंस्टाग्राम पर पहले से कहीं ज्यादा सक्रिय नजर आ रहे हैं। वजह भी साफ है। जंतर-मंतर पर उमड़ी भारी भीड़ सिर्फ सड़कों की भीड़ नहीं थी, बल्कि इंस्टाग्राम पर संगठित हुई उस जेन जी की ताकत थी, जिसे न आसानी से डराया जा सकता है और न ही नजरअंदाज किया जा सकता है।

पीएम नरेंद्र मोदी का ये नया एक्सपेरिमेंट काफी हद तक सफल भी हुआ ,उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर रातों रात फॉलोअर्स की बाढ़ आ गई ,उनके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स 103 मिलियन हो गए,इतना ही नहीं जेन जी को संबोधन करने वाली वो दो वीडियो इतनी वायरल हुई कि एक वीडियो में 367 व्यूज आए तो दूसरी वीडियो में 228 मिलियन से भी ज्यादा व्यूज आए जो कि लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं।
आने वाले चुनावों में युवा मतदाता सबसे बड़ा फैक्टर बनने जा रहे हैं। शायद यही कारण है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अब अपनी पूरी टीम को भी डिजिटल मोर्चे पर सक्रिय रहने का संदेश दे दिया है। आज उन्होंने अपने कैबिनेट मंत्रियों को स्पष्ट सलाह दी कि आज का युवा सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा सक्रिय है, इसलिए सभी मंत्री भी इंस्टाग्राम पर अपनी मौजूदगी मजबूत करें।
NEET पेपर लीक आंदोलन ने इस डिजिटल ताकत को पूरे देश के सामने ला दिया। जंतर-मंतर से लेकर मोबाइल स्क्रीन तक विरोध की सबसे बुलंद आवाज इंस्टाग्राम रील्स के जरिए गूंजी। लाखों युवाओं ने इस आंदोलन को ऑनलाइन जनअभियान में बदल दिया। अब लगता है कि सत्ता भी इस बदलते डिजिटल समीकरण को समझ चुकी है।
डिजिटल राजनीति के इस नए दौर में क्या आने वाले चुनावों की सबसे बड़ी जंग अब रैलियों में नहीं, बल्कि इंस्टाग्राम की रील्स, पोस्ट और स्टोरीज़ पर लड़ी जाएगी? ये देखने वाली बात होगी