भारत-नेपाल सीमा पर SSB की बड़ी कार्रवाई, 'वारिस पंजाब दे' का वांछित आरोपी सहित अमेरिकी नागरिक भी गिरफ्तार!
उत्तरप्रदेश/बहराइच
भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित संगठन 'वारिस पंजाब दे' से जुड़े लंबे समय से वांछित आरोपी विक्रमजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। इसी कार्रवाई के दौरान बिना वैध वीजा के नेपाल के रास्ते भारत में अवैध प्रवेश कर रहे एक अमेरिकी नागरिक समेत कई अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुट गई हैं।
42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, बहराइच के कार्यवाहक कमांडेंट एवं उप कमांडेंट दिलीप कुमार के सतत पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई थाना रूपईडीहा क्षेत्र स्थित भारत-नेपाल सीमा के बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) पर नियमित जांच के दौरान की गई।
गिरफ्तार किया गया मुख्य आरोपी विक्रमजीत सिंह, पंजाब के रूपनगर का निवासी है। वह वर्ष 2023 में पंजाब के अजनाला थाने पर हुए चर्चित हमले के मामले में लंबे समय से वांछित था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी नेपाल में फर्जी पहचान और दस्तावेजों के सहारे छिपकर रह रहा था तथा वहीं से अपनी गतिविधियां संचालित कर रहा था।
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने मनवीर सिंह ढिल्लों नामक एक अमेरिकी नागरिक को भी पकड़ा, जो नेपाल के रास्ते बिना वैध वीजा के भारतीय सीमा में प्रवेश करने का प्रयास कर रहा था। अधिकारियों के अनुसार मनवीर मूल रूप से पंजाब के मोगा का रहने वाला है। वहीं उसकी अमेरिकी नागरिक पत्नी और बच्चे के पास सभी वैध यात्रा दस्तावेज उपलब्ध होने के कारण उन्हें इमीग्रेशन नियमों के तहत भारत में प्रवेश की अनुमति दे दी गई।
जांच के दौरान अवैध रूप से सीमा पार कराने और वाहन की व्यवस्था करने वाले कथित स्थानीय मददगारों सुरेश कुमार पाठक, दिलीप उपाध्याय तथा वाहन चालक राहुल कुमार को भी हिरासत में लिया गया है। एजेंसियों को आशंका है कि यह एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
फिलहाल सशस्त्र सीमा बल, स्थानीय पुलिस, खुफिया विभाग (IB और SB) तथा इमीग्रेशन विभाग की संयुक्त टीमें सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही हैं। जांच एजेंसियों का प्रयास है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर पूरे गिरोह का खुलासा किया जा सके।
SSB के अधिकारियों का कहना है कि भारत-नेपाल सीमा पर निगरानी लगातार सख्त की जा रही है और सीमा पार किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।