Aug 26, 2026 Login

धर्मनगरी में जाली नोट खपाने की बड़ी साजिश नाकाम: 14 दिनों में गिरोह के 12 तस्कर दबोचे, पंजाब तक फैला था नेटवर्क

Major plot to circulate counterfeit currency in the holy city foiled: 12 gang smugglers nabbed in 14 days; network extended to Punjab.

हरिद्वार। देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और बाजारों में होने वाले नकद लेनदेन की आड़ में नकली नोटों का साम्राज्य खड़ा करने की एक बड़ी और खौफनाक साजिश का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। धर्मनगरी हरिद्वार को निशाना बना रहे जाली नोटों के एक बड़े नेटवर्क पर प्रहार करते हुए पुलिस ने पिछले 14 दिनों के भीतर सिलसिलेवार तीन बड़ी कार्रवाइयां की हैं। इस सघन अभियान में अब तक गिरोह के 12 शातिर तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। पुलिस ने इनके पास से 2.92 लाख रुपये की जाली करेंसी, नोट छापने के आधुनिक प्रिंटर, लैपटॉप, मोबाइल और तस्करी में इस्तेमाल होने वाली कार बरामद की है।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह गिरोह मुख्य रूप से हरिद्वार जैसे बड़े धार्मिक शहरों को अपना सॉफ्ट टारगेट (आसान निशाना) बना रहा था। अधिकारियों के मुताबिक, हरिद्वार में प्रतिदिन देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां के व्यस्त बाजारों, घाटों, अस्थायी दुकानों और ढाबों पर ज्यादातर लेनदेन नकद (कैश) में होता है। भीड़भाड़ और जल्दबाजी का फायदा उठाकर ये तस्कर नकली नोटों को खपाते थे। अक्सर छोटे और रेहड़ी-पटरी वाले दुकानदार व्यस्तता के कारण नोटों की प्रामाणिकता की बारीकी से जांच नहीं कर पाते, जिसका फायदा यह गिरोह उठा रहा था। पुलिस ने बेहद योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर इस पूरे सिंडिकेट को ध्वस्त किया है। इस 14 दिवसीय ऑपरेशन की मुख्य कड़ियां इस प्रकार रहीं। श्यामपुर थाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया। अमली जामा पहनाने की कोशिश कर रहे इन आरोपियों की तलाशी लेने पर इनके पास से 52,500 रुपये के जाली नोट बरामद हुए।  पकड़े गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ के बाद पुलिस ने गिरोह के तीन और सदस्यों को दबोच लिया। इनके पास से न सिर्फ 50 हजार रुपये की नकली करेंसी मिली, बल्कि वह पूरा सेटअप (प्रिंटर, लैपटॉप, उपकरण) भी जब्त किया गया जिससे ये नोट छापे जा रहे थे। नगर कोतवाली पुलिस ने एक और सटीक कार्रवाई करते हुए गिरोह के चार अन्य गुर्गों को दबोचा। इनके कब्जे से 84,500 रुपये के नकली नोट बरामद किए गए। पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान आरोपियों ने कई बड़े राज उगले। इसके आधार पर हरिद्वार पुलिस की एक विशेष टीम ने पंजाब में छापेमारी की और वहां छिपे दो मुख्य सप्लायरों को दबोच लिया। इनके पास से 1.05 लाख रुपये के जाली नोट और तस्करी में इस्तेमाल हो रही एक कार जब्त की गई। पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि लगातार की गई इन बैक-टू-बैक कार्रवाइयों से जाली नोटों के इस नेटवर्क की रीढ़ की हड्डी टूट गई है। हालांकि, पुलिस अब भी शांत नहीं बैठी है। गिरफ्तार किए गए 12 आरोपियों के मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड्स और बैंक खातों को खंगाला जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह के तार देश के अन्य राज्यों या सीमा पार से तो नहीं जुड़े हैं। प्रशासन ने स्थानीय व्यापारियों, होटल मालिकों और सीएनजी/पेट्रोल पंप संचालकों से भी अपील की है कि वे बड़ी नकदी लेते समय नोटों के सुरक्षा फीचर्स की जांच जरूर करें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दें।