रिटायरमेंट के तुरंत बाद हंटर वाली शोभा ओहटकर को मिली बड़ी कमान! बिहार कर्मचारी चयन आयोग की नई अध्यक्ष नियुक्त

'Hunter-wielding' Shobha Ohatker handed a major charge immediately after retirement! Appointed as the new Chairperson of the Bihar Staff Selection Commission.

पटना। बिहार में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और गति प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, हाल ही में सेवानिवृत्त हुईं कड़क और चर्चित आईपीएस अधिकारी शोभा ओहटकर को बिहार कर्मचारी चयन आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

बिहार सरकार ने राज्य की भर्ती प्रक्रिया को गति देने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी शोभा ओहटकर को बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, वह पदभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक आयोग की जिम्मेदारियां संभालेंगी। अपने सख्त प्रशासनिक रवैये के कारण लंबे समय तक 'हंटर वाली' के नाम से चर्चित रहीं शोभा ओहटकर की नियुक्ति को सरकार की रोजगार योजनाओं के लिहाज से अहम माना जा रहा है। बिहार कर्मचारी चयन आयोग अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के तहत की गई इस नियुक्ति के साथ ही आयोग के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी को इस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। अब वह केवल अपने मूल विभाग के कार्यों का निर्वहन करेंगे। शोभा ओहटकर 30 जून 2026 को गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवा (फायर सर्विस) की महानिदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुई थीं। अपने लंबे प्रशासनिक करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया और सख्त, अनुशासित तथा प्रभावी अधिकारी के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई। वह केंद्रीय चयन पर्षद की अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं। अब सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें राज्य की सबसे महत्वपूर्ण भर्ती एजेंसियों में से एक बीएसएससी की कमान सौंपी गई है। सरकार का मानना है कि उनके अनुभव और प्रशासनिक क्षमता का लाभ राज्य की भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाने में मिलेगा। बिहार सरकार अगले पांच वर्षों में बड़े पैमाने पर रोजगार और सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराने के लक्ष्य पर काम कर रही है। इसी रणनीति के तहत बीएसएससी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि आयोग राज्य के विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में कर्मचारियों की नियुक्ति करता है। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार की 'नौकरियां ही नौकरियां' योजना को सफल बनाने में शोभा ओहटकर की भूमिका अहम होगी। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में आयोग भर्ती परीक्षाओं और चयन प्रक्रियाओं में तेजी लाएगा, जिससे युवाओं को समय पर रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। गौरतलब है कि इसी वर्ष 6 जनवरी को पूर्व आईपीएस अधिकारी आलोक राज ने बीएसएससी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर सभी को चौंका दिया था। उन्होंने पदभार ग्रहण करने के महज तीन दिन बाद ही निजी परिस्थितियों का हवाला देते हुए अपना इस्तीफा सौंप दिया था। उनके इस्तीफे के बाद से आयोग के अध्यक्ष का पद रिक्त चल रहा था और अतिरिक्त प्रभार के जरिए कामकाज संचालित किया जा रहा था। अब शोभा ओहटकर की नियुक्ति के साथ आयोग को नियमित नेतृत्व मिल गया है। युवाओं को उम्मीद है कि नई अध्यक्ष के कार्यकाल में लंबित भर्तियों में तेजी आएगी, परीक्षा प्रक्रियाएं समयबद्ध होंगी और पारदर्शिता के साथ नियुक्तियां पूरी की जाएंगी। ऐसे समय में जब लाखों अभ्यर्थी सरकारी नौकरियों का इंतजार कर रहे हैं, बीएसएससी की नई कमान राज्य की रोजगार नीति के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।