गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला: नागरिकता नियमों में संशोधन, पाक समेत 3 देशों के आवेदकों के लिए पासपोर्ट विवरण अब अनिवार्य

Major Decision by Ministry of Home Affairs: Amendments to Citizenship Rules; Passport Details Now Mandatory for Applicants from Three Countries, Including Pakistan

नई दिल्ली। देश की आंतरिक सुरक्षा और नागरिकता प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नागरिकता नियम, 2009 में एक अहम संशोधन करते हुए नई अधिसूचना जारी की है। इस नए संशोधन के तहत अब पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले नागरिकता आवेदकों के लिए अपने पासपोर्ट से जुड़ी विस्तृत जानकारी देना पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले को नागरिकता देने की प्रक्रिया को सख्त और फुलप्रूफ बनाने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। 

नए प्रावधानों के मुताबिक, इन तीन पड़ोसी देशों से भारत आए जो भी नागरिक यहाँ की नागरिकता के लिए आवेदन करेंगे, उन्हें अपने मूल देश के पासपोर्ट से संबंधित हर छोटी-बड़ी जानकारी साझा करनी होगी। इसमें आवेदक की सटीक पहचान, उनका यात्रा इतिहास और भारत में प्रवेश से जुड़े अन्य आवश्यक दस्तावेजों का गहन सत्यापन शामिल होगा। गृह मंत्रालय का स्पष्ट कहना है कि इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य नागरिकता की पूरी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, विसंगति या फर्जीवाड़े की गुंजाइश को पूरी तरह खत्म करना है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह संशोधन विशेष रूप से पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के नागरिकों पर ही लागू होगा। इस कदम से सुरक्षा एजेंसियों को आवेदकों की पृष्ठभूमि की बेहतर और गहराई से जांच करने में मदद मिलेगी। अधिकारियों का मानना है कि इस संशोधन के बाद नागरिकता आवेदन की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक मजबूत और सुरक्षित हो जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि भारत की नागरिकता केवल उन्हीं वैध लोगों को मिले जो सभी कानूनी और संवैधानिक शर्तों को पूरी तरह पूरा करते हैं। इस ऐतिहासिक संशोधन के बाद अब नागरिकता देने की प्रशासनिक प्रक्रिया पहले से ज्यादा विस्तृत और सख्त हो जाएगी। गृह मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले दिनों में दस्तावेजों की जांच और जमीनी सत्यापन की प्रणाली को और ज्यादा कड़ा किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बड़े नीतिगत बदलाव से न सिर्फ अवैध रूप से नागरिकता हथियाने के प्रयासों पर लगाम लगेगी, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को भी एक नई मजबूती मिलेगी। यह नियम अधिसूचना जारी होने के साथ ही प्रभावी माना जाएगा, जिससे अब इन देशों से आए आवेदकों को नए नियमों के कड़े दायरे से गुजरना होगा।