उत्तराखंड: एचआईवी संक्रमित बहन की मौत, जीजा के राज पर से उठा पर्दा, अपनी जांच कराने से बार-बार बचता रहा, मुकदमा
देहरादून। पौड़ी गढ़वाल और राजधानी देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र से रिश्तों को तार-तार करने वाला एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक एचआईवी संक्रमित विवाहिता की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई, जिसके बाद मृतका के पति के काले कारनामों से पर्दा उठा है। मृतका के भाई ने अपने जीजा पर गंभीर बीमारी छिपाने, इलाज में लापरवाही बरतने और अस्पताल के नाम पर फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने का संगीन आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार की तहरीर पर प्रेमनगर पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दर्ज शिकायत के मुताबिक, मृतका के परिजनों को जब दामाद की सेहत और बीमारी को लेकर संदेह हुआ, तो उन्होंने उससे अपनी एचआईवी जांच कराने को कहा। लेकिन आरोप है कि पति सच्चाई सामने आने के डर से बार-बार अस्पताल से खिसक जाता था और जांच कराने से बचता रहा। उसने श्री महंत इन्द्रेश अस्पताल में भी दोबारा टेस्ट कराने से साफ इनकार कर दिया था। कई दिनों के दबाव के बाद आरोपी ने अपने ससुराल वालों को व्हाट्सएप के जरिए एक एचआईवी जांच रिपोर्ट भेजी। उसने दावा किया कि यह रिपोर्ट ग्राफिक एरा अस्पताल (धूलकोट) की है, जिसमें वह पूरी तरह स्वस्थ (नेगेटिव) है। युवती की तबीयत लगातार बिगड़ती गई और बीते 2 मार्च 2026 को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। बहन की मौत के बाद जब भाई ने जीजा द्वारा भेजी गई व्हाट्सएप रिपोर्ट की सच्चाई जानने के लिए ग्राफिक एरा अस्पताल प्रशासन से संपर्क किया, तो उनके होश उड़ गए। अस्पताल के रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि रिपोर्ट पर जो यूएचआईडी नंबर दर्ज था, वह असल में किसी अन्य महिला मरीज का था। आरोपी पति के नाम से अस्पताल में ऐसी कोई जांच कभी हुई ही नहीं थी। यानी आरोपी ने खुद को बचाने के लिए किसी दूसरी महिला की रिपोर्ट में कूटरचना (छेड़छाड़) कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे।मृतका के भाई का आरोप है कि उसके जीजा ने न सिर्फ अपनी जानलेवा बीमारी को जानबूझकर छिपाया और फर्जी दस्तावेज बनवाए, बल्कि उसकी बहन की सामाजिक छवि को भी गहरा नुकसान पहुंचाया। प्रेमनगर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी पति के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और अन्य सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब आरोपी की तलाश और मामले के तकनीकी पहलुओं की जांच में जुट गई है।