नई दिल्ली में एकजुट हुआ I.N.D.I.A. गठबंधन, राहुल, अखिलेश और ममता समेत 23 दलों के दिग्गजों ने भरी हुंकार
नई दिल्ली। वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों और देश के मौजूदा सियासी हालात पर साझा रणनीति बनाने के लिए सोमवार को देश की राजधानी में विपक्षी I.N.D.I.A. गठबंधन की एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी बैठक आयोजित की गई। दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में 'I.N.D.I.A. जनबंधन' नाम से बुलाई गई इस बैठक में कांग्रेस समेत देश के 23 प्रमुख राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं ने शिरकत की।
बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत विपक्ष के कई कद्दावर चेहरे एक मंच पर नजर आए। कांग्रेस नेताओं ने साफ किया कि अलग-अलग राज्यों में वैचारिक मतभेदों के बावजूद, राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी सरकार के खिलाफ विपक्षी गठबंधन पूरी तरह एकजुट और मजबूत है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र की मोदी सरकार पर चौतरफा तीखा हमला बोला। उन्होंने अपने शुरुआती संबोधन में कहा कि मौजूदा सत्ता में 'संविधान पर हमला लगातार जारी है' और देश के सामने खड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए सभी विपक्षी दलों को एक साथ आना होगा। खड़गे ने विपक्ष की हालिया एकजुटता की याद दिलाते हुए कहा "हमने 17 अप्रैल को लोकसभा में अपनी निर्णायक एकता का प्रदर्शन किया था, जब हम सभी ने एकजुट होकर परिसीमन (डिलिमिटेशन) पर मोदी सरकार के दुर्भावनापूर्ण बिलों को हरा दिया था। अब हमें उसी भावना को और आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने विभिन्न राज्यों में चल रहे मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' का जिक्र करते हुए सरकार पर आरोप लगाया कि इसके जरिए लाखों नागरिकों को उनके वोटिंग अधिकार से वंचित किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने देश की विदेश नीति और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। कजुटता दिखाने की कोशिश की, वहीं गठबंधन के भीतर के कुछ अंतर्विरोध भी खुलकर सामने आए। आम आदमी पार्टी (AAP) के दिग्गज नेता संजय सिंह ने बैठक से दूरी बनाने पर साफ कहा, "हमने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि आम आदमी पार्टी अब I.N.D.I.A. गठबंधन का हिस्सा नहीं है। इसलिए, आज की इस बैठक में हमारे शामिल होने का कोई सवाल ही नहीं उठता। राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा ने बैठक में शामिल होते हुए एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, "कांग्रेस और डीएमके के बीच लंबे समय से चले आ रहे रिश्ते टूटे हैं, जिन्हें ठीक होने में वक्त लगेगा। हालांकि, अन्य पार्टियां इस बैठक में आ रही हैं।" उन्होंने आगे जोड़ा कि आज देश में छात्रों की समस्याएं और महंगाई जिस चरम पर हैं, उसे देखते हुए विपक्ष की इस बैठक का महत्व बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।