Aug 21, 2026 Login

चारधाम और आदि कैलाश में उमड़ा आस्था का सैलाब: अब तक पहुंचे 72 लाख श्रद्धालु, सीएम धामी बोले-तीर्थयात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

A massive surge of faith at Char Dham and Adi Kailash: 7.2 million pilgrims have arrived so far; CM Dhami says pilgrim safety is the top priority.

देहरादून। उत्तराखंड में इस वर्ष चारधाम और आदि कैलाश यात्रा ने श्रद्धा और आस्था के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में बताया कि अब तक 32 लाख से अधिक तीर्थयात्री चारधाम के दर्शन कर चुके हैं, जबकि आदि कैलाश यात्रा में भी करीब 40 लाख श्रद्धालु पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि में आस्था और श्रद्धा का एक बड़ा संगम दिखाई दे रहा है और सरकार अब आगामी कांवड़ यात्रा और महाकुंभ मेले की तैयारियों में भी जुट गई है।

सचिवालय में आयोजित बैठक के दौरान सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि धामों में भीड़ के अनुरूप दर्शन व्यवस्था को और व्यवस्थित बनाने के लिए मानक प्रचालन प्रक्रिया (SOP) में सख्त प्रावधान किए जाएं। यात्रा मार्गों पर हादसों को रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक यात्रा मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पर रोक का सख्ती से पालन कराया जाए। इस दौरान केवल आवश्यक सेवाओं और ट्रकों जैसे भारी वाहनों को ही चलने की अनुमति होगी, जबकि दिन के समय बड़े वाहनों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सीएम धामी ने यात्रा प्रबंधन के लिए तीन मूल मंत्र दिए: 'सुरक्षित यात्रा, सुगम दर्शन व सतत संवाद'। उन्होंने कहा कि किसी भी धाम या पड़ाव पर निर्धारित क्षमता से अधिक भीड़ होने पर प्रमुख चेक प्वाइंट्स और होल्डिंग एरिया पर ही वाहनों को नियंत्रित किया जाए। यात्रियों को चरणबद्ध तरीके से आगे भेजा जाए ताकि धामों में अव्यवस्था न फैले। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आगाह करते हुए कहा कि यात्रा अब दूसरे और अधिक चुनौतीपूर्ण चरण में प्रवेश कर रही है, जहां मानसून और प्रतिकूल मौसम सबसे बड़ी चुनौती होंगे। ऐसे में यात्रा प्रबंधन को और अधिक सतर्कता तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ संचालित किया जाए। भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील स्थलों पर जेसीबी, पोकलैंड मशीनें, सैटेलाइट फोन, एंबुलेंस और राहत-बचाव उपकरणों की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित की जाए। तीर्थयात्रियों को किसी भी स्तर पर असुविधा न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। गंभीर मरीजों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए हेली एंबुलेंस हेतु राज्य स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त होगा। यात्रा मार्गों पर संचालित सभी होटलों, रेस्टोरेंट और ढाबों में रेट लिस्ट (मूल्य सूची) प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।  केदारनाथ पैदल मार्ग पर पर्याप्त संख्या में शेड लगाए जाएंगे। श्रद्धालुओं को रोकने वाले स्थानों पर पार्किंग, भोजन, पानी और शौचालय की समुचित व्यवस्था होगी।